मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के इतिहास में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता का एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। जल आपूर्ति परियोजना विभाग के सतर्क इंजीनियरों ने भांडुप स्थित 2,000 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले अत्याधुनिक जल शुद्धीकरण संयंत्र परियोजना में अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए निगम के खजाने के 7.48 करोड़ रुपये बचा लिए हैं। यह घटना तब प्रकाश में आई जब परियोजना स्थल से गुजर रही टाटा पावर की 'अति उच्च दाब' बिजली लाइनों को स्थानांतरित करने के खर्च का पुनर्मूल्यांकन किया गया।

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब भांडुप संकुल के निर्माण कार्य के मार्ग में बाधक बनी इन बिजली लाइनों को हटाने के लिए टाटा पावर ने कर सहित 14.70 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च प्रस्तुत किया था, जिसके एवज में बीएमसी ने ठेकेदार मेसर्स वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड को अग्रिम भुगतान भी कर दिया था। फरवरी 2026 में जब सफलतापूर्वक पांच नए टावर स्थापित कर लाइनों को शिफ्ट किया गया और पुराने टावरों को हटाया गया, तब अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे इंजीनियरों ने टाटा पावर द्वारा दिए गए शुरुआती अनुमानों की गहन समीक्षा की।

इंजीनियरों की टीम ने न केवल कार्य की वास्तविक लागत का सूक्ष्म विश्लेषण किया, बल्कि हटाए गए टावरों के स्क्रैप मूल्य और देय छूटों के संदर्भ में टाटा पावर के साथ निरंतर संवाद और फॉलो-अप भी जारी रखा। इस दृढ़ता का परिणाम यह रहा कि टाटा पावर ने वास्तविक खर्च का संशोधित विवरण सौंपा और बीएमसी को 5.76 करोड़ रुपये लौटाने की सहमति दे दी। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार के 10 प्रतिशत ओवरहेड्स, लाभ मार्जिन और जीएसटी की बचत को सम्मिलित करते हुए निगम को कुल 7.48 करोड़ रुपये का सीधा वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ।

इस असाधारण उपलब्धि को मान्यता देते हुए बीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में आयुक्त अश्विनी भिडे ने कार्यकारी अभियंता राजेश कापडणीस, सहायक अभियंता ऋषिकेश वर्तक, उप अभियंता गुरुराज ऐवळे और उप अभियंता सुबोध नाखरेकर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपायुक्त प्रशांत गायकवाड, विशेष इंजीनियरिंग उपायुक्त पुरुषोत्तम मालवदे और मुख्य अभियंता चंद्रकांत चौधरी भी उपस्थित रहे। आयुक्त भिडे ने इस उपलब्धि को मुंबईकरों के कर-धन के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया, जो अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

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