भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित और विश्वसनीय उत्पाद उपलब्ध कराने के अपने मिशन के तहत एक और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोने के आभूषणों में हॉलमार्किंग की अनिवार्यता के बावजूद बाजार में नकली और बिना प्रमाणित आभूषणों की बिक्री की शिकायतों के बीच बीआईएस ने कल्याण (पश्चिम), महाराष्ट्र में एक आभूषण प्रतिष्ठान पर छापा मारकर महत्वपूर्ण अनियमितताओं का खुलासा किया।


20 नवम्बर 2025 को बीआईएस मुंबई शाखा कार्यालय की एक टीम ने M/s LD Sukenkar, Shop No. 3, Shubhlaxmi Apt., Opp. Vitthal Mandir, Shivaji Chowk पर प्रवर्तन छापेमारी की। यह कार्रवाई उस विशिष्ट शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें प्रतिष्ठान पर बिना हॉलमार्क वाले स्वर्ण आभूषणों की बिक्री और हॉलमार्क के दुरुपयोग की जानकारी दी गई थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि दुकान में कई ऐसे स्वर्ण आभूषण प्रदर्शित किए गए थे जिन पर वैध बीआईएस हॉलमार्क अंकित नहीं था। इससे भी गंभीर तथ्य यह सामने आया कि एक आभूषण पर भ्रमितकारी और अपूर्ण (स्प्यूरियस) हॉलमार्क अंकित किया गया था, जो बीआईएस हॉलमार्किंग विनियम, 2018 का सीधा उल्लंघन है।


कुल 32.88 ग्राम स्वर्ण आभूषणों को बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 15(3) और धारा 17(1)(a) के उल्लंघन के कारण तुरंत जब्त कर लिया गया। यह अधिनियम स्पष्ट रूप से निर्देशित करता है कि हॉलमार्किंग ऑफ गोल्ड ज्वेलरी एंड गोल्ड आर्टिफैक्ट्स ऑर्डर, 2020 के तहत अधिसूचित किसी भी स्वर्ण आभूषण का निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री या भंडारण बिना वैध हॉलमार्क के नहीं किया जा सकता।


कानूनी प्रावधानों के अनुसार, ऐसा उल्लंघन बीआईएस अधिनियम की धारा 29 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसके तहत दो वर्ष तक के कारावास, न्यूनतम ₹2,00,000 के आर्थिक दंड या दोनों का प्रावधान है। बीआईएस ने इस मामले में विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है और संबंधित न्यायालय में शिकायत दायर करने की प्रक्रिया जारी है।


बीआईएस ने उपभोक्ताओं से पुनः अपील की है कि वे स्वर्ण आभूषण खरीदने से पहले BIS CARE मोबाइल एप का उपयोग कर हॉलमार्क की वास्तविकता की जांच अवश्य करें। यह एप आईएसआई मार्क की प्रामाणिकता, उत्पाद के अनिवार्य प्रमाणन की स्थिति और हॉलमार्क की सत्यता की पुष्टि करने में सक्षम है। यदि किसी उपभोक्ता को बिना बीआईएस प्रमाणन वाले उत्पादों की बिक्री या हॉलमार्क के दुरुपयोग की जानकारी मिलती है तो वे BIS CARE एप या बीआईएस मुंबई शाखा कार्यालय से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त सूचना के स्रोत को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।


बीआईएस की यह कार्रवाई न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित स्वर्ण आभूषण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि बाजार में चल रही धोखाधड़ी और भ्रामक प्रथाओं के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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