मुंबई। श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा का 59वां जन्मोत्सव पनवेल के बालाजी बैंक्वेट हॉल में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में मनाया गया। पूरा परिसर तप, त्याग और गुरु-भक्ति की भावना से गूंज उठा, जब श्रावक-श्राविकाओं ने अपने प्रिय आचार्य के जन्मदिवस को धर्ममय उत्सव में परिवर्तित कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आरम्भ प्रेरणा महिला मंडल और मेवाड़ महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुआ। मधुर स्वरों में गाए गए इस गीत ने वातावरण को आध्यात्मिक रंगों से भर दिया। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष राजेश बांठिया और शैलेन्द्र खैरोदिया ने युवाचार्य महेंद्र ऋषि का स्वागत करते हुए उनकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाएँ दीं।

मुनि हितेंद्र ऋषि और मुनि धवल ऋषि ने अपने उद्बोधन में युवाचार्य की सरलता, सहजता और विनम्रता का विशेष उल्लेख किया। मुनि हितेंद्र ऋषि ने स्मरण किया कि जब उन्होंने वैराग्य का मार्ग अपनाया था, तब युवाचार्य ने उनसे कहा था—“मुझे गुरुदेव मत कहना, गुरुदेव तो केवल आचार्य सम्राट आनंद ऋषि हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की यही पहचान होती है कि वे कोई कार्य अधूरा नहीं छोड़ते और सदैव धर्म की पूर्णता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने युवाचार्य के प्रति गहरी श्रद्धा प्रकट की। अनेक श्रावकों ने कहा कि युवाचार्य ने न केवल उन्हें धर्ममार्ग पर अग्रसर किया, बल्कि आचार्य सम्राट आनंद ऋषि मसा की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने में सेतु का कार्य किया है।

कार्यक्रम में पनवेल के विधायक प्रसाद ठाकुर, नगरसेवक राजू सोनी और प्रीतम म्हात्रे सहित अनेक गणमान्य अतिथि, श्रीसंघों के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय जैन कॉन्फ्रेंस के पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, रमनलाल लुकड़, सुरेश लुनावत, नरेश बोहरा, पारस मोदी, कंवरलाल सूरिया, रतनचंद सिंघवी, पिंटू कर्णावट, अशोक पगारिया, महेंद्र पगारिया, नितिन वैदमुथा, विकास कोठारी, सागर सांखला, सुभाष ललवानी, प्रवीण लुणावत, अभिषेक दुग्गड़, अमोल नाहर सहित मुंबई मेवाड़ संघ के प्रमुख पदाधिकारी—चतरलाल लोढ़ा, अध्यक्ष भैरूलाल लोढ़ा, दिलीप नाबेड़ा, रुचिरा सुराणा, विमल बाफना, कंचन सिंघवी और चंदा कोठारी—भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय महिला जैन कॉन्फ्रेंस की चेयरपर्सन अनामिका तलेसरा ने इस अवसर पर आचार्य शिवमुनि मसा का शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें युवाचार्य को आत्मिक प्रगति और साधना की निरंतरता के लिए आशीर्वाद दिया गया।

चातुर्मास समिति के मंत्री रणजीत कांकरेचा और अशोक बोहरा ने जानकारी दी कि पनवेल संघ ने इस पावन अवसर पर “सहायता फंड” की स्थापना की है। युवाचार्य के सान्निध्य में दीक्षार्थी शीतल सोलंकी और कोमल छाजेड़ का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने जीवन में अध्यात्म और संयम का मार्ग अपनाने का संकल्प लिया है।

अपने आशीर्वचन में युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा ने विनम्रता और गहन भावनाओं के साथ कहा, “मैं अपने माता-पिता, आचार्य सम्राट आनंद ऋषि, आचार्य शिवमुनि और अपने गुरु भाइयों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। आप सभी श्रावक-श्राविकाओं का स्नेह और भक्ति मेरे लिए सदा प्रेरणा का स्रोत रहा है। यह दिन मेरे लिए आत्मचिंतन और आभार का अवसर है।”

समारोह के समापन में युवाचार्य ने आगामी चातुर्मास से संबंधित घोषणाएँ कीं। उन्होंने बताया कि मेवाड़ सिंहनी यशकंवर मसा की शिष्या महासती सुधाकंवर आदि ठाणा का 2026 का चातुर्मास पनवेल के साधना सदन में होगा, जबकि वे स्वयं 2026 में अपना चातुर्मास भीलवाड़ा (राजस्थान) में करेंगे।

सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा और संगठन का प्रतीक बना रहा। भक्तों के जयकारों, भक्ति गीतों और आशीर्वचनों से गूंजता यह जन्मोत्सव केवल एक समारोह नहीं था, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा की अनमोल झलक थी—जहां भक्ति ने विनम्रता से संगम किया और साधना ने जीवन का उत्सव रचा।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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