मुंबई। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट बस सेवा के बजट और प्रशासनिक कामकाज को लेकर बेस्ट समिति की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी के वरिष्ठ सदस्य सुनील गणाचार्य और बेस्ट समिति की अध्यक्षा तृष्णा विश्वासराव के बीच बजट में खर्च के प्रावधान, ऑडिट और प्रस्ताव पारित करने के तरीकों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई।

बैठक की शुरुआत में सुनील गणाचार्य ने बेस्ट के बजट और समिति के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने अध्यक्षा पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन और समिति बजट जैसे गंभीर विषय पर ध्यान नहीं दे रही हैं। उनके बयान के बाद बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

गणाचार्य ने मांग की कि बेस्ट के खर्चों का पारदर्शी तरीके से ऑडिट कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रस्ताव को उचित चर्चा के बिना जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए।

अध्यक्षा तृष्णा विश्वासराव ने गणाचार्य के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई और उनके सवालों का पुरजोर जवाब दिया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस चलती रही। इससे बीएमसी मुख्यालय स्थित बैठक कक्ष का माहौल गरमा गया।

तीखी बहस के बावजूद आखिरकार बहुमत के आधार पर संबंधित बजट प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बेस्ट की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के बीच सत्ताधारी गुटों के नेताओं के बीच हुई इस झड़प की चर्चा अब पूरी बीएमसी और राजनीतिक हलकों में हो रही है।

Pratahkal Newsroom

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