बदलापुर: शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का मायाजाल, साइबर ठगों ने दंपती की जमापूंजी से लूटे 21.9 लाख रुपये
बदलापुर में 'Bull Market Guide Community' व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक दंपती से 21.9 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शेयर ट्रेडिंग में ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ठगों ने महज 11 दिनों में पीड़ितों की जमापूंजी लूट ली। पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए कैसे बचें ऐसे डिजिटल फ्रॉड से।

मुंबई/बदलापुर। माया नगरी मुंबई से सटे बदलापुर में साइबर अपराध का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी है। शेयर बाजार में रातों-रात अमीर बनने और निवेश पर अकल्पनीय रिटर्न मिलने के झांसे में आकर एक दंपती ने अपनी जीवन भर की कमाई के 21.9 लाख रुपये गंवा दिए। 'डिजिटल डकैती' की इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सक्रिय निवेश सलाहकारों और फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप्स के बढ़ते खतरों को उजागर कर दिया है।
इस धोखाधड़ी की पटकथा बीते नवंबर महीने में लिखी गई, जब पीड़ित दंपती को उनकी मर्जी के बिना 'Bull Market Guide Community' नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया। इस ग्रुप में खुद को बाजार का दिग्गज बताने वाले कथित विशेषज्ञों ने निवेश के ऐसे सुनहरे सपने दिखाए कि दंपती उनके जाल में फंसता चला गया। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए ठगों ने छोटी रकम निवेश करवाकर आभासी मुनाफे का प्रदर्शन किया, जिससे दंपती को इस फर्जी योजना की प्रामाणिकता पर भरोसा हो गया।
जैसे ही शिकार जाल में फंसा, ठगों ने अपना असली खेल शुरू किया। महज 11 दिनों के भीतर, अलग-अलग शेयरों में निवेश के नाम पर दंपती पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया गया, जिसके चलते उन्होंने किस्तों में कुल 21.9 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिए। ठगी का खुलासा तब हुआ जब निवेश की गई मूल राशि और उस पर दिख रहे मुनाफे को निकालने (विड्रॉल) का समय आया। जब दंपती ने अपने पैसे वापस मांगे, तो तकनीकी कारणों और अतिरिक्त शुल्कों का हवाला देकर उन्हें रोक दिया गया। बार-बार प्रयास करने के बाद भी जब फूटी कौड़ी हाथ नहीं लगी, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे एक सुव्यवस्थित साइबर सिंडिकेट का शिकार हो चुके हैं।
पूंजी डूबने के सदमे के बाद पीड़ितों ने तुरंत कानून का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी अब उन डिजिटल पदचिह्नों (डिजिटल फुटप्रिंट्स) और बैंक खातों की कड़ियां जोड़ रहे हैं, जिनके जरिए इस बड़ी रकम को ठिकाने लगाया गया है।
पुलिस ने इस घटना के माध्यम से नागरिकों को कड़ा संदेश दिया है कि सोशल मीडिया या अनजान व्हाट्सएप ग्रुप्स से मिलने वाले निवेश के लुभावने प्रस्तावों से दूर रहें। बिना किसी ठोस आधिकारिक सत्यापन के अपनी मेहनत की कमाई किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा न करें। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि तकनीक के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

Pratahkal Bureau
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