पनवेल में ‘द आर्ट ऑफ पैरेंटिंग’ सेमिनार, महासती सुयशाश्री ने बताए संस्कार व आत्मनिर्भरता के सूत्र
पनवेल में ‘द आर्ट ऑफ पैरेंटिंग’ सेमिनार में महासती सुयशाश्री ने बच्चों को धर्म-संस्कार के साथ व्यवहारिक ज्ञान देने और माता-पिता से मित्रवत संबंध बनाने पर जोर दिया। महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

तस्वीर में मंच पर सफेद वस्त्रों में आसीन महासती सुधा कंवर, महासती विजय प्रभा, महासती साधना, महासती रत्न ज्योति और महासती सुयशाश्री नजर आ रही हैं।
मुंबई। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ (मेवाड़) उपसंघ पनवेल एवं श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ पनवेल के तत्वावधान में चातुर्मास के दौरान धर्म, ज्ञान एवं आराधना से जुड़ी विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में श्रमण संघीय महासती सुधा कंवर म.सा., महासती विजय प्रभा म.सा., महासती साधना म.सा., महासती रत्न ज्योति म.सा. एवं महासती सुयशाश्री म.सा. आदि ठाणा-5 के पावन सानिध्य में ‘द आर्ट ऑफ पैरेंटिंग’ सेमिनार का आयोजन किया गया।
श्रमण संघीय प्रवर्तक मोहनलाल म.सा. की पुण्य स्मृति में आयोजित इस सेमिनार में महासती सुयशाश्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक माता-पिता का दायित्व है कि वे बच्चों को धार्मिक एवं सामाजिक संस्कार देने के साथ ज्ञानार्जन और व्यवहारिक जीवन की समझ भी प्रदान करें। बच्चों को संस्कारवान, गुणवान एवं जिम्मेदार बनाने के साथ माता-पिता को उनके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए।
महासती सुयशाश्री ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ शिक्षा, व्यवसाय एवं नौकरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। ऐसे में जैन समाज की महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए परिवार का सहयोग मिलना चाहिए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें व्यवसाय एवं नौकरी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है। उनमें धर्म, संस्कार, सद्गुण, अनुशासन एवं माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। वहीं माता-पिता को बच्चों की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ मित्रवत संबंध बनाए रखने चाहिए।
सेमिनार के आयोजन को सफल बनाने में पनवेल उपसंघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र खेरोदिया, मंत्री राकेश संचेती, कोषाध्यक्ष विजय श्रीमाल, श्रावक संघ अध्यक्ष राजेश बांठिया, मेवाड़ महिला मंडल की अध्यक्षा प्रियंका श्रीमाल, मंत्री आशा इन्टोदिया, कोषाध्यक्ष रेखा रांका, मेवाड़ नवयुवक मंडल के अध्यक्ष रिखब बनवट, मंत्री मुकेश नाहर, कोषाध्यक्ष गौतम चोरडिया, नवकार युवा मंडल के ऋषभ बांठिया, गौरव बांठिया, गिरीश बांठिया, कन्या मंडल की खुशी चंडालिया, सिमोनी चंडालिया एवं कशिश सामोता सहित कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों, प्रेरणा महिला मंडल, साधना सदन ट्रस्ट तथा विभिन्न मंडलों व समितियों का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सहपरिवार उपस्थित रहे। सेमिनार में बच्चों के संस्कार, व्यवहारिक ज्ञान, माता-पिता के साथ मित्रवत संबंध और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।

Naresh Ameta (Mumbai)
नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।
