अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट: लाडनूं में राष्ट्रीय समारोह संपन्न, विजेताओं को सम्मान
आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के 259 विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई।

लाडनूं में अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के तहत केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विजेताओं को सम्मानित किया।
लाडनूँ, राजस्थान। जैन विश्व भारती, लाडनूँ में अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी की ओर से आयोजित अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट-2026 का दो दिवसीय राष्ट्रीय समारोह 28 एवं 29 अक्टूबर को अणुव्रत अनुशास्ता परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देशभर के 57,000 से अधिक विद्यार्थियों में से चयनित 259 प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। समारोह में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
इस वर्ष प्रतियोगिता की केंद्रीय थीम ‘हमारी ताकत–हमारा परिवार’ रखी गई थी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में पारिवारिक एकता, आपसी सहयोग, नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को परिवार के महत्व और भारतीय संस्कृति की विशेषताओं को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
विद्यालय स्तर से शुरू हुई इस प्रतियोगिता का आयोजन जिला एवं राज्य स्तर की विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। इसमें चित्रकला, निबंध लेखन, भाषण, कविता, एकल गायन और समूह गायन सहित छह विधाएं शामिल की गईं। प्रत्येक विधा में कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग निर्धारित किए गए थे। इस प्रकार कुल 12 वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 36 राष्ट्रीय विजेताओं की घोषणा की गई।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को कल्पनाशक्ति, साहित्यिक अभिरुचि, कलात्मक कौशल, विचारों की अभिव्यक्ति और मंचीय प्रस्तुति को निखारने का अवसर मिला।
28 अक्टूबर को गुरुदेव के मंगल पाठ तथा युवाचार्य श्री एवं साध्वीप्रमुखाश्रीजी के मंगल आशीर्वाद के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रताप सिंह दुगड़ ने स्वागत वक्तव्य देते हुए देशभर से पहुंचे प्रतिभागियों, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और अभिभावकों का अभिनंदन किया तथा सभी को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन अणुविभा की प्रभारी उपाध्यक्ष डॉ. कुसुम लुनिया ने किया, जबकि पूज्य प्रवर के सान्निध्य में मंचीय प्रस्तुतियों एवं पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन अणुविभा महामंत्री श्री मनोज सिंघवी ने किया।
इसके बाद जैन विश्व भारती परिसर के सुधर्मा सभा, तुलसी सभागार एवं विश्वविद्यालय सभागार में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी विधाओं में उत्साह और आत्मविश्वास के साथ निर्णायकों के समक्ष प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर जैन विश्व भारती के अध्यक्ष श्री गौरव जी मंडोत, अणुविभा के संयुक्त न्यासी श्री रतनलाल दुगड़, सह मंत्री श्री सुरेन्द्र नाहटा, काव्यधारा प्रकल्प प्रभारी डॉ. धनपत लुनिया, अणुव्रत पत्रिका प्रभारी श्री विनोद बच्छावत, जैन विश्व भारती के निवर्तमान अध्यक्ष श्री अमरचंद लुंकड़ एवं श्री ललित दुगड़ ने भी पहुंचकर प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। अणुव्रत समिति लाडनूँ के अध्यक्ष श्री शान्तिलाल बैद एवं मंत्री राज कोचर सहित अनेक विशिष्ट व्यक्तित्व परिषद में उपस्थित रहे।
सायंकालीन सत्र में सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देशभर से पहुंचे प्रतिभागियों में से कुछ विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। विभिन्न राज्यों के विजेता विद्यार्थियों के साथ प्रतियोगिता के आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
29 अक्टूबर को प्रातः ध्यान एवं योग के बाद विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने जैन विश्व भारती परिसर में अणुव्रत अनुशासन रैली निकाली। रैली के परिभ्रमण के दौरान साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभाजी के सान्निध्य में अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के संयोजक श्री राजेश चावत ने कार्यक्रम की जानकारी दी तथा साध्वी प्रमुखाश्रीजी से मंगल आशीर्वचन प्राप्त किए। इसके बाद रैली अणुव्रत अनुशास्ता परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में पहुंची।
आचार्यश्री के सान्निध्य में प्रवचन एवं मंचीय प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ। इसी अवसर पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए। विभिन्न विधाओं के कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल के करकमलों से पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के बाद चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की सभी चित्रकलाओं के साथ जिला एवं राज्य स्तर की चित्रकृतियां भी प्रदर्शित की गईं। आचार्यश्री महाश्रमणजी सहित साधु-साध्वी वृंद ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता की विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी निर्णायकों ने किया। गायन प्रतियोगिता में श्री रवि जैन, श्रीमती सोनू जोशी, डॉ. कुमार चतुर्वेदी एवं पं. दामोदर प्रसाद शर्मा निर्णायक रहे। भाषण प्रतियोगिता में डॉ. लता अग्रवाल, श्री जयकरण चारण एवं श्री प्रियांस सोनी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कविता प्रतियोगिता में श्रीमती मधुर परिहार, डॉ. कृष्णा आचार्य एवं श्री गौतम के गटूस, निबंध लेखन में श्रीमती नमिता जोशी, डॉ. विजय शर्मा एवं श्री गजानन्द शर्मा तथा चित्रकला प्रतियोगिता में श्रीमती ममता बोरा, श्रीमती सुरभि सुराणा एवं श्रीमती भावना पाण्डेय निर्णायक मंडल में शामिल रहे। निर्णायकों के अनुभव और निष्पक्ष मूल्यांकन ने प्रतियोगिता की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को मजबूती प्रदान की।
राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विधाओं के विजेताओं में एकल गायन के कनिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के प्लैटिनम वैली इंटरनेशनल स्कूल के आरव विभूते ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान कटक, ओडिशा के डीएवी पब्लिक स्कूल, राजाबागीचा के जगन्नाथ प्रसाद नायक और तृतीय स्थान अंबरनाथ, ठाणे, महाराष्ट्र के आर्या गुरुकुल के सार्थक सिकदार को मिला। वरिष्ठ वर्ग में उदयपुर, राजस्थान के स्टेग्रोवियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की लब्धि जैन प्रथम, दिल्ली के बाल भारती पब्लिक स्कूल, मयूर विहार की कृतिका पांडेय द्वितीय और चंद्रपुर, महाराष्ट्र के अंबुजा विद्या निकेतन, उपरवाही के संकेत अरविंद लांडे तृतीय स्थान पर रहे।
भाषण प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश के बचपन प्ले स्कूल की जी. लास्या दिविजा ने प्रथम, कटक, ओडिशा के नारायणा ई-टेक्नो स्कूल की आरोही अनिंदिता ने द्वितीय और ठाणे, महाराष्ट्र के आर्या गुरुकुल की प्रिशी बाठिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में लाडनूँ, डीडवाना-कुचामन, राजस्थान के श्री सुभाष बोस शिक्षा संस्थान सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मोनू चरण प्रथम रहे। कानपुर, उत्तर प्रदेश के श्री सनातन धर्म पब्लिक स्कूल, कौशलपुरी की अंशिका गुप्ता ने द्वितीय तथा दक्षिण दिल्ली के नेहरू नगर स्थित जीएलटीबी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की संचिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निबंध लेखन के कनिष्ठ वर्ग में तमिलनाडु के एस. एस. सुंदर प्रथम, बिहार की सनाया शांसी द्वितीय और दिल्ली की प्रज्ञा जैन तृतीय स्थान पर रहीं। वरिष्ठ वर्ग में कर्नाटक की कीर्तना सी. जे. ने प्रथम, मध्य प्रदेश की स्वाति चौहान ने द्वितीय और उदयपुर, राजस्थान के ऋषभ गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
समूह गायन के कनिष्ठ वर्ग में गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के सूर्य नगर स्थित प्लैटिनम वैली इंटरनेशनल स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ठाणे, महाराष्ट्र के सेंट मैरीज़ हाई स्कूल को द्वितीय और सोलन, हिमाचल प्रदेश के अल्पाइन पब्लिक स्कूल को तृतीय स्थान मिला। वरिष्ठ वर्ग में भी प्लैटिनम वैली इंटरनेशनल स्कूल, सूर्य नगर, गाजियाबाद ने प्रथम स्थान हासिल किया। उदयपुर, राजस्थान के सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने द्वितीय तथा ठाणे, महाराष्ट्र के सेंट मैरीज़ हाई स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कविता प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में उदयपुर, राजस्थान के भुवाना स्थित पर्ल ग्रेस एकेडमी के नितिन कुमावत प्रथम रहे। पंजाब के संगरूर स्थित सुनाम के श्री सुराजकुंड सर्वहितकारी विद्या मंदिर की भाव्या जैन ने द्वितीय और लाडनूँ, राजस्थान के बचपन स्कूल के हार्दिक भसाली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में उज्जैन, मध्य प्रदेश के आदित्य बिरला सीनियर सेकेंडरी स्कूल की भाग्यश्री देवड़ा प्रथम रहीं। डीडवाना-कुचामन, राजस्थान के जसवंतगढ़ स्थित सुरमल तपाड़िया आचार्य संस्कृत कॉलेज की काव्या खंडाल ने द्वितीय तथा कानपुर, उत्तर प्रदेश के कौशलपुरी स्थित श्री सनातन धर्म पब्लिक स्कूल के शुभ शुक्ला ने तृतीय स्थान हासिल किया।
चित्रकला प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में उत्तर प्रदेश की सुप्रिया राज ने प्रथम, पश्चिम बंगाल की फराह नाज़ ने द्वितीय तथा आध्या सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में हरियाणा की रितिका कुमारी प्रथम, बीकानेर, राजस्थान की कृष्णा प्रजापत द्वितीय और उत्तर प्रदेश के कमल विश्वकर्मा तृतीय स्थान पर रहे।
‘हमारी ताकत–हमारा परिवार’ की थीम के माध्यम से परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। परिवार व्यक्ति के जीवन में संस्कार, अनुशासन, सहयोग और संवेदनशीलता की पहली पाठशाला है। परिवार के सदस्यों के बीच परस्पर विश्वास, सम्मान एवं समर्पण समाज को मजबूत बनाते हैं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने चित्रकला के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को रंगों में उतारा, निबंध और भाषण के जरिए विचारों को शब्द दिए, कविता के माध्यम से भावनाएं व्यक्त कीं तथा गायन में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।
आयोजन ने शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, नैतिक चेतना और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने के महत्व को भी रेखांकित किया। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी की यह पहल विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभा को पहचानने, प्रोत्साहित करने और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें संस्कारों से जोड़ने का प्रयास है।
राष्ट्रीय सह संयोजिका साधना कोठारी, मीना़क्षी सुराणा, तकनीकी संयोजक श्री ऋषभ बरडिया, सोनल कोठारी, लाभेष, श्री किरण परमार सहित कोर टीम, जोन कोऑर्डिनेटर, राज्य प्रभारीगण, अणुव्रत समितियों और अणुव्रत मंचों ने समर्पित भाव से आयोजन के लिए कार्य किया। अणुव्रत मीडिया ने कार्यक्रम का व्यापक प्रसारण किया।
योगक्षेम वर्ष के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों की सहभागिता ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाई। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन, सहयोग और सांस्कृतिक समझ विकसित करने के साथ विद्यालयों एवं शिक्षकों को उनकी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
प्रतियोगिता का मूल संदेश रहा कि रचनात्मकता प्रतिभा को निखारती है, संस्कार व्यक्तित्व को दिशा देते हैं और परिवार जीवन को मजबूती प्रदान करता है। ‘हमारी ताकत–हमारा परिवार’ की भावना के साथ संपन्न राष्ट्रीय आयोजन विद्यार्थियों में सृजनशीलता, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में आभार ज्ञापन एसीसी संयोजक श्री राजेश चावत ने किया।

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