अमृत भारत स्टेशन योजना: वडोदरा मंडल में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प
वडोदरा मंडल के पांच स्टेशनों के आधुनिकरण के साथ ट्रैक नवीनीकरण और पुलों के सुदृढ़ीकरण से रेल संचालन की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में सुधार हुआ है।

पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेल पुलों के पुनर्वास और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया ताकि ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित हो सके।
भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में अमृत भारत स्टेशन योजना एक निर्णायक बदलाव के रूप में उभरी है, जिसके तहत पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों ने रेल संचालन की गति, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भडके के कुशल मार्गदर्शन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इंजीनियरिंग विभाग ने इंजीनियरिंग, ट्रैक अनुरक्षण, संरचना सुदृढ़ीकरण तथा यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वडोदरा मंडल के 5 स्टेशनों—उत्राण, कोसंबा, डेरोल, डाकोर और करमसद—का उद्घाटन किया गया, जिससे इन स्टेशनों का स्वरूप पूरी तरह आधुनिक और यात्री-केंद्रित बन गया है।
वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री सुमित ठाकुर के अनुसार, 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 103 अमृत भारत स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। वडोदरा मंडल के इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉडर्न टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अतिरिक्त प्रतापनगर और गोधरा स्टेशन भी अमृत भारत स्टेशन के लिए तैयार हैं।
संरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में वडोदरा मंडल पर लेवल क्रासिंग समाप्त कर 5 रोड ओवर ब्रिज (ROB) तथा 3 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया गया। ट्रैक कार्यों के अंतर्गत 169.189 यूनिट कम्प्लीट ट्रैक रिन्यूअल (CTR), 192.128 ट्रैक किलोमीटर थ्रू रेल रिन्यूअल (TRR) तथा 118.291 ट्रैक किलोमीटर थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (TSR) कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए।
ब्रिज इंफ्रास्ट्रक्चर में भी व्यापक सुधार दर्ज किया गया है, जिसमें 15 पुलों का पुनर्वास, 5 पुलों का री-गर्डरिंग तथा 33 पुलों पर एप्रोच ट्रांजिशन कार्य शामिल हैं। साथ ही 906 स्टील चैनल स्लीपरों का नवीनीकरण कर पुलों की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित की गई है।
स्टेशन यार्ड सुधार कार्यों के तहत 9 यार्डों में 14 लेआउट का सुधार, 972 टर्नआउट का मानकीकरण तथा TWS और WCMSC जैसे तकनीकी उन्नयन किए गए हैं। 68 यार्डों में PRL लाइनों का उन्नयन और 2472 स्थानों पर फ्री जॉइंट्स का उन्मूलन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ऑस्सिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OMS) में 0.15g से अधिक मान में 93.25 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है, जो ट्रैक गुणवत्ता में बड़े सुधार का संकेत है।
डेरोल स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज (FOB) तैयार किया गया है, जबकि अन्य 8 स्टेशनों पर इसी प्रकार के FOB निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त मंडल ने 20 प्लेटफार्मों का विस्तार और उन्नयन, 13 स्टेशनों पर कोचिंग ऑपरेशन पैनल (COP) की सुविधा, 3 नए 6 मीटर चौड़े FOB का निर्माण और 9 स्टेशनों पर कवर शेड विकसित किए हैं। स्टेशनों पर स्वचालित सीढ़ी, लिफ्ट, रैंप और भूमिगत मार्ग जैसी सुविधाओं के साथ 47 स्टेशनों को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है तथा स्टाफ के लिए 104 नए रेलवे आवासों का निर्माण भी किया गया है।
इन सभी व्यापक प्रयासों के माध्यम से वडोदरा मंडल ने रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करते हुए सुरक्षित, तेज और आरामदायक रेल सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पश्चिम रेलवे भविष्य में भी इसी प्रकार के विकासात्मक कार्यों के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Pratahkal Bureau
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