बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की मुंबई के जुहू स्थित प्रॉपर्टी पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद अभिनेता की टीम ने अपना पक्ष सामने रखा है। टीम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रॉपर्टी अजय देवगन का निजी निवास नहीं, बल्कि किराये पर दी गई एक अलग संपत्ति है। टीम के अनुसार, महानगरपालिका के नियमों और निर्देशों का पालन किया जा रहा है तथा प्राधिकरण की ओर से आवश्यक बदलाव करने के लिए कहे जाने के बाद संबंधित काम पूरा कर लिया गया है।

अजय देवगन की टीम ने अपने बयान में कहा कि संपत्ति के संबंध में आवश्यक अनुमतियों के लिए BMC में आवेदन किया गया है। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी लागू नियमों, विनियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। महानगरपालिका की आवश्यकताओं के अनुरूप बदलाव, संशोधन और अन्य जरूरी सुधार भी किए जा चुके हैं।

टीम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जुहू स्थित संपत्ति के कुछ हिस्सों को कथित अनधिकृत निर्माण के मामले में गिराए जाने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, महानगरपालिका ने निर्माण कार्य को लेकर नोटिस जारी किया था। संपत्ति के मालिकों की ओर से जवाब भी दिया गया, लेकिन नागरिक प्रशासन ने उसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद संपत्ति के कुछ हिस्सों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।

इस मामले में BMC की कार्रवाई कथित तौर पर आवश्यक नागरिक अनुमतियों के बिना किए गए निर्माण से जुड़ी है। प्राधिकरण ने निर्माण कार्य के संबंध में जरूरी दस्तावेज और अनुमतियां मांगी थीं। वहीं, अजय देवगन की टीम ने अपने बयान में नियमों के अनुपालन और आवश्यक बदलाव किए जाने पर जोर दिया है।

इस पूरे मामले में अभिनेता की टीम ने संपत्ति को उनके निजी निवास के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर भी स्पष्टीकरण दिया है। टीम के मुताबिक, यह अलग संपत्ति है, जिसे किराये पर दिया गया है। बयान का उद्देश्य संपत्ति की स्थिति और महानगरपालिका की कार्रवाई के बीच सामने आई स्थिति को स्पष्ट करना है।

जुहू स्थित इस संपत्ति पर BMC की कार्रवाई और उसके बाद अजय देवगन की टीम का बयान मुंबई में निर्माण संबंधी नियमों, आवश्यक अनुमतियों और नागरिक निकाय के निर्देशों के अनुपालन से जुड़े मामले को चर्चा में ले आया है।

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