अब एआई देगा बिल्डिंग की एनओसी: बीएमसी की अनुमति प्रक्रिया में बड़ा तकनीकी बदलाव
मुंबई में भवन और फैक्ट्री निर्माण की अनुमति प्रक्रिया अब एआई के सहारे तेज होगी। बीएमसी ने एनओसी जारी करने में लगने वाले 45 से 120 दिनों के समय को घटाने के लिए एआई-आधारित सिस्टम का ट्रायल शुरू किया है, जो सभी मानदंडों की जांच कर 24–72 घंटे में अनुमति दे सकेगा। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।

मुंबई। महानगर में किसी भी नई इमारत, व्यावसायिक परिसर या फैक्ट्री के निर्माण से पहले बीएमसी से अनुमति लेना अनिवार्य है। वर्षों से चली आ रही लंबी और जटिल प्रक्रिया अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है, क्योंकि बीएमसी ने बिल्डिंग परमिशन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह बदलाव न केवल समय बचाएगा, बल्कि अनुमति से जुड़ी पारदर्शिता और गति को भी नई दिशा देगा।
बीएमसी के नियमों के अनुसार, निर्माण से पूर्व अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने में सामान्यत: 45 दिन लगते हैं, जो कई बार बढ़कर 60 से 120 दिनों तक पहुंच जाते हैं। आवेदन की फाइलें विभिन्न विभागों के चक्कर लगाती हैं और ऑटो डीसीआर पोर्टल होने के बावजूद प्रक्रिया अक्सर धीमी पड़ जाती है। ऐसे में एआई को शामिल करना बीएमसी की अनुमति प्रणाली में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
नियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एआई-आधारित प्रणाली का ट्रायल इस समय जारी है। नई प्रक्रिया के तहत आवेदन की पूरी फाइल डिजिटल रूप से एआई सिस्टम में अपलोड की जाएगी, जिसके बाद एआई खुद सभी तकनीकी मानदंडों और दिशानिर्देशों की जांच करेगा। यदि फाइल में कोई त्रुटि नहीं हुई तो 24 से 72 घंटे के भीतर अनुमति जारी की जा सकेगी। अधिकारी के अनुसार यह प्रणाली वर्तमान समयसीमा को कई गुना कम कर देगी और अनुमोदन प्रक्रिया अत्यंत तेजी से निपटाई जा सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि एआई के सफल परीक्षण के बाद इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। तकनीकी पहलुओं की गहन जांच के बाद बीएमसी आयुक्त की मंजूरी प्राप्त करते ही इसे बिल्डिंग प्रपोजल और प्लानिंग विभाग में औपचारिक रूप से शामिल कर दिया जाएगा। हालांकि इस महत्वपूर्ण तकनीक की एंट्री में कुछ समय और लग सकता है, पर बीएमसी प्रशासन इसे शहरी विकास की दिशा में बड़ा सुधार मान रहा है।
बीएमसी में यह पहला मौका नहीं है जब एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहले इस वर्ष नालों की सफाई से जुड़े वीडियो की निगरानी के लिए भी एआई तकनीक का प्रयोग किया गया था। इस पहल ने कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब निर्माण अनुमति प्रक्रिया में एआई की एंट्री बीएमसी के तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम साबित हो सकती है।
एआई प्रणाली के लागू होने से न केवल निर्माणकर्ता और आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि मुंबई की प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बन सकेगी।

Pratahkal Bureau
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