शेयर ब्रोकर का अपहरण कर मांगी गई फिरौती, खार पुलिस की तेज कार्रवाई में गैंग गिरफ्तार
मुंबई के खार पुलिस ने मीरा रोड निवासी एक शेयर ब्रोकर का अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले गिरोह को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी तम्मी अन्ना सहित पांच लोगों ने बांद्रा से ब्रोकर को अगवा कर विले पार्ले में बंधक बनाया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।

मुंबई में एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ, जब खार पुलिस ने मीरा रोड निवासी एक शेयर ब्रोकर का अपहरण कर उससे 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले गिरोह को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया। पीड़ित की पत्नी द्वारा समय रहते दी गई शिकायत ने न सिर्फ उसके पति की जान बचाई, बल्कि एक संगठित गैंग का खुला भंडाफोड़ भी कर दिया।
घटना की शुरुआत तब हुई, जब शेयर ब्रोकर बांद्रा के पाली नाका स्थित ‘जनता बार’ में पहुंचे। वहीं चार से पांच लोगों ने अचानक उसे घेर लिया और जबरन कार में डालकर अगवा कर लिया। आरोपी उसे विले पार्ले (पश्चिम) स्थित एक घर में ले गए, जहां उसे घंटों तक बंदी बनाकर बेरहमी से पीटा गया। इस दौरान उससे 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। पीड़ित से 1.85 लाख रुपये नकद, एक आईफोन और करीब 35,000 रुपये की घड़ी भी छीन ली गई।
जब पीड़ित की पत्नी का उससे संपर्क नहीं हो पाया, तो उसने तुरंत खार पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने तकनीकी जांच व लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर तेजी से कार्रवाई शुरू की और संदिग्धों का पीछा करते हुए पीड़ित को सुरक्षित छुड़ा लिया। जांच के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य आरोपी विजू मणिकम स्वामी उर्फ तम्मी अन्ना, उसकी बहन जया, जीजा सुहास रघुनाथ बागवे, भतीजा प्रियांशु बागवे और ड्राइवर प्रशांत जाधव शामिल हैं। सभी आरोपी अंधेरी–विले पार्ले क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी तम्मी अन्ना की आपराधिक पृष्ठभूमि पहले से ही संदिग्ध रही है और वह कई विवादों में शामिल रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने संभवतः पीड़ित पर पहले से नज़र रखी हुई थी, जिसे पकड़कर धन उगाही का प्रयास किया गया।
गिरफ्तार पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। खार पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह घटना एक अकेला मामला है या फिर गिरोह अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है।
तेज और प्रभावी कार्रवाई के चलते पीड़ित सुरक्षित बाहर आ गया, जबकि पुलिस इस केस को एक बड़े आपराधिक नेटवर्क से जोड़कर भी जांच रही है। यह मामला मुंबई में बढ़ते संगठित अपराधों पर नई चिंता खड़ी करता है।

Pratahkal Bureau
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