भारत के सहकारी कृषि निर्यात को नई दिशा: NCEL किसानों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में अग्रणी
नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (NCEL) भारत के किसानों और सहकारी समितियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ते हुए कृषि निर्यात को नई दिशा दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय समझौते, लाभ-साझेदारी मॉडल और वैश्विक मंचों में सक्रियता से यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और भारत को कृषि निर्यात में वैश्विक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

नई दिल्ली। भारतीय कृषि क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (NCEL) अब किसानों और सहकारी समितियों के लिए एक मजबूत और प्रभावशाली मंच के रूप में उभर रहा है। 25 जनवरी 2023 को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत इस संस्था की स्थापना गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल का परिणाम है। इसका उद्देश्य सहकारी समितियों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और किसानों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और भारत को कृषि निर्यात में वैश्विक शक्ति बनाना है।
NCEL कृषि और संबद्ध उत्पादों के निर्यात की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। मई 2025 तक 10,346 सहकारी समितियों ने सदस्यता के लिए आवेदन किया, जिनमें से 9,425 को शेयर सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। सदस्य समितियों को पैकेजिंग, भंडारण, प्रमाणन, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। इस संस्थान के प्रमुख प्रमोटर अमूल (GCMMF), IFFCO, KRIBHCO, NAFED और NCDC जैसे राष्ट्रीय सहकारी संगठन हैं।
वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देते हुए NCEL ने विभिन्न राज्यों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें सेनेगल के साथ चावल निर्यात, इंडोनेशिया के साथ लगभग 2 अरब डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का व्यापार और नेपाल के 62 मिलर्स के साथ गेहूं निर्यात प्रमुख हैं। संस्था अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सक्रिय है और ICA की बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है।
NCEL का उद्देश्य किसानों से लेकर राष्ट्रीय सहकारी संगठन तक सभी हितधारकों को जोड़ते हुए एक पूर्ण निर्यात इकोसिस्टम विकसित करना है। इसके मॉडल में लाभ-साझेदारी शामिल है, जिसमें उपविधियों के अनुसार लाभ का 20 प्रतिशत डिविडेंड और 50 प्रतिशत तक अधिशेष सदस्यों को लौटाया जाता है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत के किसानों को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने और सहकारी आंदोलन को नई ऊंचाई देने में NCEL की भूमिका ऐतिहासिक महत्व रखती है। यह संस्था न केवल कृषि निर्यात को बढ़ावा दे रही है, बल्कि किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और भारत को कृषि निर्यात में वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में निर्णायक योगदान दे रही है।

Pratahkal Bureau
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