केलवा: श्री नाकोड़ा धाम में भगवान पार्श्वनाथ का भव्य अभिषेक संपन्न
पड़ासली पंचायत स्थित मंदिर में संतों के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित, पंचामृत से प्रभु का अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति की कामना की।

राजस्थान के केलवा स्थित श्री नाकोड़ा धाम में सोमवार को आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक करते जैन संत और उपस्थित श्रद्धालु।
राजस्थान के केलवा क्षेत्र के समीपवर्ती पड़ासली पंचायत में स्थित सुप्रसिद्ध श्री नाकोड़ा धाम में सोमवार को अटूट आस्था और भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान पार्श्वनाथ का भव्य अभिषेक संतों के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का एक अद्भुत एवं अलौकिक संगम देखने को मिला। प्रातः काल से ही मंदिर की चहारदीवारी में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला प्रारंभ हो गया था, जहाँ श्रद्धालुओं ने मंगल ध्वनि, पवित्र मंत्रोच्चार और गगनभेदी जयकारों के साथ भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक कर धर्म लाभ अर्जित किया।
धार्मिक विधि-विधान के साथ आयोजित इस अभिषेक प्रक्रिया में पंचामृत का उपयोग किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध जल से प्रभु का अभिषेक किया गया। इस दौरान उपस्थित संतों ने अभिषेक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संतों ने अपने प्रवचनों में भगवान पार्श्वनाथ के जीवन को त्याग, तप और करुणा का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके आदर्शों को आत्मसात कर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने बल दिया कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जनमानस में धर्म के प्रति आस्था और अधिक सुदृढ़ होती है।
अभिषेक के पश्चात आयोजित महाआरती में भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संपूर्ण मंदिर परिसर भक्ति गीतों की मधुर गूंज से सराबोर रहा। दर्शनार्थियों ने भगवान के समक्ष शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की मंगल कामना की। श्री नाकोड़ा धाम सेवा संस्थान के अध्यक्ष निरंजन जैन एवं सचिव मनोज जैन ने कार्यक्रम की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि इसी क्रम में मंगलवार को श्री नाकोड़ा भैरव की उपासना के निमित्त एक भव्य और विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन ने क्षेत्र के धार्मिक वातावरण को नई ऊंचाई प्रदान की है।

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