मुंबई: 4 अप्रैल से मिठी नदी की सफाई शुरू करेगी बीएमसी, एआई से होगी निगरानी
बीएमसी मानसून से पहले मिठी नदी से 9.6 लाख मीट्रिक टन कीचड़ निकालेगी, लापरवाही रोकने के लिए 'वॉर रूम' और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का होगा इस्तेमाल।

मुंबई में मानसून पूर्व तैयारियों के तहत मिठी नदी की सफाई के लिए तैनात की गई पोकलेन मशीन, जिसकी निगरानी बीएमसी वॉर रूम और एआई तकनीक के जरिए की जा रही है।
प्रातःकाल संवाददाता, मुंबई। मानसून की आहट के साथ ही मुंबई को जलभराव से बचाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कमर कस ली है। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली 'मिठी नदी' की सफाई को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने स्थायी समिति की बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि मिठी नदी से कीचड़ निकालने का काम 4 अप्रैल से पूरी गति के साथ शुरू हो जाएगा। हालांकि, शुरुआती प्रक्रिया पूरी कर रविवार से ही काम की नींव रख दी जाएगी, लेकिन भारी मशीनों और पोकलेन की उपलब्धता के साथ अगले हफ्ते इसमें तेजी आएगी।
कीचड़ निकासी का विशाल लक्ष्य और तकनीक का पहरा
प्रशासन ने इस साल मानसून से पहले लगभग 9.6 लाख मीट्रिक टन कीचड़ निकालने का विशाल लक्ष्य रखा है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए बीएमसी 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' तकनीक का सहारा ले रही है। कीचड़ ले जाने वाले हर डंपर पर कड़ी नजर रखी जाएगी और यदि डंपिंग ग्राउंड पर कचरा अपलोड करते समय वीडियो साक्ष्य नहीं मिले, तो ठेकेदार का भुगतान रोक दिया जाएगा। पिछले साल इसी तकनीक की मदद से लापरवाह ठेकेदारों पर करीब 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
जलभराव पर चर्चा और सख्त निगरानी तंत्र
बैठक के दौरान अंधेरी सब-वे और निचले इलाकों में होने वाले जलभराव पर भी गंभीर चर्चा हुई। पार्षदों ने डंपरों की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाकर पहचान छिपाने जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई, जिस पर प्रशासन ने सख्त दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बीएमसी अगले दो-तीन दिनों में एक 'वॉर रूम' भी सक्रिय करने जा रही है, जो पूरी सफाई प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग करेगा। मिठी नदी और अन्य नालों से निकलने वाली कीचड़ को डंप करने के लिए देवनार और कांजूर मार्ग डंपिंग ग्राउंड का उपयोग किया जाएगा।
महत्वपूर्ण वक्तव्य
बैठक में प्रशासनिक तैयारियों को स्पष्ट करते हुए अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि "मिठी नदी से कीचड़ निकालने का काम 4 अप्रैल से पूरी गति के साथ शुरू हो जाएगा।" उन्होंने तकनीक के प्रयोग पर बल देते हुए यह भी साफ किया कि "डंपिंग ग्राउंड पर कचरा अपलोड करते समय वीडियो साक्ष्य नहीं मिले, तो ठेकेदार का भुगतान रोक दिया जाएगा।"

Pratahkal Bureau
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