वियतनाम में आयोजित एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर एकोंडी (ता. कागल) के युवा पहलवान अक्षय ढेरे ने न केवल कागल, बल्कि पूरे कोल्हापुर जिले का गौरव बढ़ाया है। अल्पभूधारक किसान परिवार से आने वाले इस खिलाड़ी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर कागल में स्थित श्री छत्रपति शाहू सहकारी साखर कारखाना परिसर में उसका सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

इस अवसर पर शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे ने अक्षय ढेरे का सत्कार करते हुए कहा कि उसकी सफलता ने छत्रपति शाहू महाराजों की समृद्ध कुश्ती परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि एशियाई प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अक्षय ने कागल और कोल्हापुर के सम्मान में एक नया अध्याय जोड़ा है।

समारोह को संबोधित करते हुए राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज ने कोल्हापुर की कुश्ती परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष प्रयास किए थे। उसी प्रेरणा से ग्रामीण क्षेत्र के सामान्य किसान परिवार से निकलकर अक्षय ढेरे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्गीय विक्रमसिंहराजे घाटगे ने भी कुश्ती क्षेत्र को निरंतर प्रोत्साहन दिया था और उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को समर्थन देना उनका कर्तव्य है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अक्षय जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं और भविष्य में वह ओलंपिक जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी देश के लिए पदक जीत सकता है।

सम्मान के जवाब में स्वर्ण पदक विजेता अक्षय ढेरे ने कहा कि छत्रपति शाहू महाराज के वंशज राजे समरजितसिंह घाटगे के हाथों सम्मानित होना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान ने उनकी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कागल, कोल्हापुर और देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है।

कार्यक्रम में अक्षय ढेरे के पिता तानाजी ढेरे सहित बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और ग्रामस्थ उपस्थित रहे। एशियाई स्तर पर मिली इस सफलता ने न केवल एक युवा खिलाड़ी के संघर्ष और समर्पण को सम्मानित किया है, बल्कि ग्रामीण भारत की खेल प्रतिभाओं की क्षमता को भी एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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