विश्व जनसंख्या दिवस पर प्राचार्य डॉ. टी. एम. पाटील बोले, जनसंख्या को संसाधन में बदलना समय की सबसे बड़ी जरूरत
गगनबावडा के पद्मश्री डॉ. ग. गो. जाधव महाविद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस पर भित्ति पत्रक का अनावरण हुआ। प्राचार्य डॉ. टी. एम. पाटील ने जनसंख्या को संसाधन में बदलने की जरूरत बताई।

तस्वीर में डॉ. ग. गो. जाधव महाविद्यालय गगनबावडा के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित भित्ति पत्रक अनावरण कार्यक्रम के दौरान एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि से बढ़ती बेरोजगारी, उपासमार और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी गंभीर चुनौतियों के बीच जनसंख्या को सक्षम मानवीय संसाधन में परिवर्तित करना समय की आवश्यकता है। यह बात पद्मश्री डॉ. ग. गो. जाधव महाविद्यालय, गगनबावडा के प्राचार्य डॉ. टी. एम. पाटील ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित भित्ति पत्रक अनावरण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. टी. एम. पाटील ने कहा कि विभिन्न देशों को अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती बेरोजगारी, उपासमार और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी समस्याओं को देखते हुए जनसंख्या को नियंत्रित रखते हुए उसे सक्षम मानवीय संसाधन में बदलना समय की मांग है।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष विद्या देसाई ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए शासन को अधिक प्रभावी और ठोस उपाय योजनाएं लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार, खाद्य सुरक्षा और विकास के सामने उत्पन्न हो रही चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए समाज में व्यापक जनजागरण होना आवश्यक है।
कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रस्तावना प्रा. डी. बी. भोसले ने किया, जबकि आभार प्रा. अरुण गावकर ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपप्राचार्य डॉ. संदीप पानारी, डॉ. आदिनाथ कांबळे, प्रा. वंदना पाटील, प्रा. अमोल कुंभार, प्रा. सौरभ देसाई, प्रा. हुसेन फरास, प्रा. रोहित सरनोबत, प्रा. ऐश्वर्या धामोडकर, प्रा. मानसी पडवळ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस उपक्रम के लिए शिक्षण संस्था के अध्यक्ष प्रा. डॉ. सतीश देसाई का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण, शाश्वत विकास और जनजागरण का प्रभावी संदेश दिया गया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
