वाशिम: सात दुकानों में चोरी करने वाला 'कंबलवाला' गिरफ्तार
तीन वर्षों से फरार चल रहे ५२ वर्षीय आरोपी को वाशिम पुलिस ने पकड़ा, चोरी का सामान और औजार बरामद।

वाशिम पुलिस स्टेशन के सामने अधिकारी और कर्मचारी एक गिरफ्तार आरोपी के साथ, जिसके सामने बरामद किया गया चोरी का सामान रखा है।
वाशिम शहर में पिछले तीन वर्षों से पुलिस के लिए पहेली बने और 'कंबलवाला' के नाम से कुख्यात एक शातिर चोर को आखिरकार शहर की अपराध शाखा (डीबी पथक) ने धर दबोचा है। अपनी अनूठी कार्यशैली के कारण सुर्खियों में रहने वाले ५२ वर्षीय खेत्राजी माणिक पवार नामक इस आरोपी ने शहर में सात बड़ी दुकानों को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है। आरोपी मूल रूप से हिंगोली जिले के खरबी गांव का निवासी है, जिसने लंबे समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों को छकाया।
आरोपी की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। वह दिन के समय एक सामान्य व्यक्ति की तरह शहर में आता था और बीमारी का बहाना बनाकर चिकित्सकों से मिलता था, ताकि किसी को संदेह न हो। इसी आड़ में वह दिन भर बंद दुकानों की रेकी करता था। रात के अंधेरे में वह कंबल ओढ़कर अपना चेहरा पूरी तरह छुपा लेता था और दुकानों के ताले तोड़कर नकदी व अन्य कीमती सामान उड़ा ले जाता था। उसने पाटणी चौक, अकोला रोड, रिसोड नाका, हिंगोली रोड और लाखाळा जैसे प्रमुख इलाकों में स्थित राठी बाजार, रेणुकाई पेंट्स और स्वराज ट्रैक्टर शोरूम सहित सात बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चोरियों को अंजाम दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा ३३४(१) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस अपराधी तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि वह न तो मोबाइल का उपयोग करता था और न ही अपना चेहरा कभी उजागर होने देता था। उसकी पहचान केवल उसकी आंखों, घड़ी और चलने के तरीके से ही संभव थी। इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस कांस्टेबल अजित खंडाळकर की सतर्कता निर्णायक रही। कुछ दिन पूर्व, जब वे पाटणी चौक में अपनी निजी व्यस्तता के दौरान एक संदेहास्पद व्यक्ति को देखकर पहचान गए, तो अपराधी ने भागने का प्रयास किया। खंडाळकर ने साहस का परिचय देते हुए अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और स्थानीय नागरिकों की सहायता से उसे खदेड़ कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी के उपकरण, नकदी, घड़ियाँ और अन्य साजो-सामान बरामद हुआ है। कुल १ लाख १८ हजार ७९० रुपये का मुद्दामाल जब्त कर पुलिस ने वाशिम में बढ़ते अपराधों पर एक बड़ी लगाम लगाई है। जिला पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई ने पुलिस की तत्परता और जांबाजी को एक बार फिर सिद्ध किया है।

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