वाशिम: खरीफ बुवाई से पहले सोयाबीन बीजों की 'अग्निपरीक्षा', किसानों ने शुरू की जांच
वाशिम के किसान खरीफ की बुवाई को लेकर सतर्क हो गए हैं। घटिया बीजों से होने वाली दुबारा बुवाई के संकट को टालने के लिए वैज्ञानिक तरीके से सोयाबीन बीजों की अंकुरण क्षमता की जांच की जा रही है। जानें, कैसे यह पहल किसानों के लिए बन रही है उम्मीद की किरण।

वाशिम जिले में कृषि विभाग और पाणी फाउंडेशन द्वारा आयोजित शिविर में किसान खरीफ बुवाई से पहले वैज्ञानिक तरीके से सोयाबीन बीजों की अंकुरण क्षमता की जांच कर रहे हैं।
वाशिम जिले में मानसून के आगमन में हो रही देरी के बावजूद, खरीफ की बुवाई को लेकर किसानों की सक्रियता चरम पर है। इस बार किसान किसी भी जोखिम को टालने के लिए कमर कस चुके हैं और बुवाई से पहले सोयाबीन बीजों की गुणवत्ता परखने पर विशेष जोर दे रहे हैं। कृषि विभाग और पाणी फाउंडेशन की संयुक्त पहल से जिले के गांव-गांव में किसान बचत समूहों के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इस वैज्ञानिक पद्धति के अंतर्गत, किसान 100 सोयाबीन के बीजों की एक नमूना जांच कर रहे हैं, जिससे बीजों की वास्तविक अंकुरण क्षमता का आकलन किया जा सके। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बीजों की अंकुरण क्षमता 70 प्रतिशत से अधिक है, तभी उसे बुवाई के लिए सुरक्षित माना जाएगा। यह पहल सीधे तौर पर उन किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम कर रही है जो अक्सर घटिया बीजों के कारण होने वाली दुबारा बुवाई के आर्थिक संकट से जूझते हैं।
इस प्रक्रिया से न केवल बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि किसानों की लागत में भी महत्वपूर्ण कमी आएगी और संभावित पैदावार में वृद्धि की संभावना भी प्रबल हो गई है। जिले के किसान इस सतर्कता अभियान को लेकर बेहद संतुष्ट हैं, क्योंकि यह न केवल उनके समय और धन की बचत कर रहा है, बल्कि उन्हें एक सफल फसल चक्र की ओर भी अग्रसर कर रहा है।

Sunil Kambale, Wasim(Maharashtra)
नाम: सुनील कांबले
पद: संवाददाता (प्रातकाल)
कार्यक्षेत्र: वाशिम जिला (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, और प्रशासन
विशेषज्ञता: जिला स्तरीय रिपोर्टिंग, विकासात्मक एवं सकारात्मक पत्रकारिता
परिचय
सुनील कांबले महाराष्ट्र के वाशिम जिले के एक बेहद वरिष्ठ, प्रतिष्ठित और अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातकाल' के संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील जी वाशिम जिले में आकाशवाणी स्तर और जिला स्तर की सभी प्रकार की न्यूज़ रिपोर्टिंग की कमान संभालते हैं। पत्रकारिता जगत में वह अपनी सकारात्मक सोच के लिए जाने जाते हैं; उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को उजागर करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली खबरों को प्राथमिकता देना है। स्थानीय समाचारों से लेकर राजनीति और प्रशासनिक गलियारों की हर बड़ी हलचल पर उनकी गहरी पकड़ है।
पत्रकारिता का एक लंबा और समृद्ध अनुभव
सुनील कांबले जी को पत्रकारिता और मीडिया के अलग-अलग माध्यमों (ब्रॉडकास्ट, डिजिटल और प्रिंट) में काम करने का दशकों लंबा अनुभव है:
- आकाशवाणी न्यूज़: लगभग 25 वर्षों का एक लंबा और शानदार अनुभव।
- प्रिंट मीडिया: समाचार पत्रों (प्रिंट मीडिया) में पत्रकारिता का 15 वर्षों का जमीनी अनुभव।
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduation): किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री।
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism): पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास प्रोफेशनल डिप्लोमा है, जो उनकी रिपोर्टिंग को और अधिक सटीक, नैतिक और मार्गदर्शक बनाता है।
