लखनऊ में कोचिंग क्लास में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना से सबक लेते हुए वाशिम नगर परिषद प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए कठोर रुख अपना लिया है। नगर परिषद के अग्निशमन विभाग ने 'महाराष्ट्र अग्नि प्रतिबंधक व जीवसंरक्षक उपाययोजना अधिनियम 2006' और 'नियम 2009' के तहत शहर के निजी कोचिंग क्लासेस और अभ्यासिकाओं में सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि जिन इमारतों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, वहां अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना भवन मालिक और संचालक की कानूनी जिम्मेदारी है। इसके अलावा, अग्निशमन प्रणालियों को सदैव क्रियाशील रखना और वर्ष में दो बार—जनवरी और जुलाई में—विहित प्रारूप में अग्निशमन अधिकारी को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना भी अनिवार्य है।

हालिया जांच में वाशिम शहर के आठ प्रमुख कोचिंग क्लासेस और अभ्यासिकाओं में अग्निसुरक्षा के मानकों का अभाव पाए जाने पर प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से उन्हें नोटिस थमाया है। इन संस्थानों में समर्थ अकॅडमी (सिविल लाईन), नफ्ते क्लासेस/बिटोडे क्लासेस/मुसळे क्लासेस (सिविल लाईन), आरंभ अभ्यासिका, एकलव्य अभ्यासिका (सिविल लाईन), गायकवाड क्लासेस (योजना पार्क), युनिक कोचिंग क्लासेस (रिसोड रोड), बांगर ट्युटोरियल (अकोला नाका) और आदर्श कोचिंग क्लासेस (डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक) शामिल हैं।

नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी संचालक www.mahafireservice.gov.in पर पंजीकृत लाइसेंस प्राप्त एजेंसी के माध्यम से अपनी इमारत का फायर ऑडिट करवाएं। साथ ही, 'राष्ट्रीय बांधकाम संहिता भाग 4' के दिशा-निर्देशों के अनुरूप फायर एक्स्टिंग्विशर, इमरजेंसी एक्झिट, स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं नोटिस प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर पूर्ण कर रिपोर्ट परिषद में जमा करना अनिवार्य है। समय सीमा के भीतर अनुपालन न करने और किसी भी प्रकार की जनहानि या वित्तहानी होने पर अधिनियम 2006 की धारा 36 और 38 के तहत सीधे फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा और संस्थान को सील करने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह संपूर्ण कार्रवाई मुख्याधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में नगर अग्निशमन अधिकारी अक्षय तिरपुडे, लीडिंग फायरमन साईनाथ सुरोशे और शैलेश खिल्लारे द्वारा संपन्न की गई। नगर परिषद वाशिम के मुख्याधिकारी ने पुनः स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के जीवन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के शिक्षण संस्थानों में अग्निसुरक्षा मानकों की स्वयं जांच करें और व्यवस्था न होने पर नगर परिषद के समक्ष तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

Sunil Kambale, Wasim(Maharashtra)

Sunil Kambale, Wasim(Maharashtra)

नाम: सुनील कांबले

पद: संवाददाता (प्रातकाल)

कार्यक्षेत्र: वाशिम जिला (महाराष्ट्र)

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, और प्रशासन

विशेषज्ञता: जिला स्तरीय रिपोर्टिंग, विकासात्मक एवं सकारात्मक पत्रकारिता

परिचय 

सुनील कांबले महाराष्ट्र के वाशिम जिले के एक बेहद वरिष्ठ, प्रतिष्ठित और अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातकाल' के संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील जी वाशिम जिले में आकाशवाणी स्तर और जिला स्तर की सभी प्रकार की न्यूज़ रिपोर्टिंग की कमान संभालते हैं। पत्रकारिता जगत में वह अपनी सकारात्मक सोच के लिए जाने जाते हैं; उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को उजागर करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली खबरों को प्राथमिकता देना है। स्थानीय समाचारों से लेकर राजनीति और प्रशासनिक गलियारों की हर बड़ी हलचल पर उनकी गहरी पकड़ है।

पत्रकारिता का एक लंबा और समृद्ध अनुभव

सुनील कांबले जी को पत्रकारिता और मीडिया के अलग-अलग माध्यमों (ब्रॉडकास्ट, डिजिटल और प्रिंट) में काम करने का दशकों लंबा अनुभव है:

  • आकाशवाणी न्यूज़: लगभग 25 वर्षों का एक लंबा और शानदार अनुभव।

  • प्रिंट मीडिया: समाचार पत्रों (प्रिंट मीडिया) में पत्रकारिता का 15 वर्षों का जमीनी अनुभव।

  • पब्लिक ऐप (Digital Media): बदलते दौर के साथ डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए पब्लिक ऐप के साथ पिछले 7 वर्षों से सक्रिय योगदान।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduation): किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री।

  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism): पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास प्रोफेशनल डिप्लोमा है, जो उनकी रिपोर्टिंग को और अधिक सटीक, नैतिक और मार्गदर्शक बनाता है।

Next Story