पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए तालुका स्थित जि.प. स्कूल फत्तेपूर (फॉ) में "वृक्षदिंडी व बीज वाटप" कार्यक्रम उत्साह और जनजागरूकता के माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के मुख्याध्यापक श्री. सुनिल पा. ने की, जबकि शालेय व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष श्री. सुरेश चव्हाण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह विद्यालय परिसर से निकाली गई वृक्षदिंडी के साथ हुई। कक्षा 1 से 4 तक के सभी विद्यार्थियों ने हाथों में पौधे और "झाडे लावा - झाडे जगवा", "पृथ्वी वाचवा" जैसे संदेश लिखे फलक लेकर गांव के मुख्य मार्ग पर प्रभातफेरी निकाली। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए पर्यावरण संरक्षण के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। गांव के विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने विद्यार्थियों का स्वागत किया।

वृक्षदिंडी के बाद विद्यालय में बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रत्येक विद्यार्थी को कडुलिंब, चिंच, कवठ, वड और पिंपळ जैसे देशी वृक्षों के बीज वितरित किए गए। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी प्रात्यक्षिक रूप से बताया गया कि घर पर इन बीजों की बुवाई कैसे की जाए और उनके पौधों का संरक्षण एवं पालन-पोषण किस प्रकार किया जाए।

इस अवसर पर उपशिक्षक श्री. प्रकाश भामरे ने कहा, "आज की पीढ़ी तकनीक में आगे बढ़ रही है, लेकिन प्रकृति से दूर होती जा रही है। इसलिए 'एक विद्यार्थी, एक झाड' की संकल्पना को लागू करना समय की आवश्यकता है। प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा आज लिया गया बीज आज नहीं तो कल एक बड़ा वृक्ष बनेगा, जो हमें छाया, ऑक्सीजन और पानी देगा।"

शालेय व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष श्री. सुरेश चव्हाण ने विद्यालय के इस उपक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के मुख्याध्यापक श्री. सुनिल पा. ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ मिलकर वृक्षारोपण करने तथा उनका संरक्षण करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने "एक पेड माँ के नाम" अभियान की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम का नियोजन और संचालन श्री. प्रकाश भामरे ने किया। उन्होंने सृजनात्मक तरीके से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हुए कहा, "पुस्तकों से पर्यावरण पढ़ने की अपेक्षा यदि उसे व्यवहार में सीखा जाए तो वह जीवनभर याद रहता है।"

कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और विद्यार्थियों ने विशेष परिश्रम किए। अंत में श्री. सुभाष मुखडे ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी सेविका नीता पावरा, शांता पाडवी, दिलीप पाडवी, अभिभावक, शालेय व्यवस्थापन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का संदेश दिया।

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