मुरगूड में इस बार रक्षाबंधन का पर्व केवल लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 250 वृक्षों को भी प्रेम और संरक्षण का प्रतीक राखी बांधी गई। वनश्री मुफ्त पौधशाला, महिला निसर्ग मंडल और मुरगूड शहर निसर्गमित्र मंडल के माध्यम से वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण का यह कार्य पिछले 30 वर्षों से जारी है।

इसी पहल के तहत वर्ष 2003 से वृक्षों को अपना भाई मानकर ‘वृक्ष रक्षाबंधन’ मनाया जा रहा है। इस वर्ष इस अनूठे अभियान का 24वां वर्ष है। इसके तहत मुरगूड में करीब 250 वृक्षों को राखियां बांधी गईं।

मुरगूड की उपनगराध्यक्षा रेखाताई मांगले और नगरसेविका गीता आंगज ने सप्तपर्णी के वृक्ष को राखी बांधकर इस वर्ष के अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में पूर्व नगरसेविका प्रतिभा सूर्यवंशी और महिला निसर्ग मंडल की अध्यक्षा नीता सूर्यवंशी प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले दो दशकों से लगातार चल रहे इस अभियान को मुरगूड की महिलाओं का उत्स्फूर्त समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे संरक्षक भाई हैं और उनके माध्यम से ही हमारा जीवन सुखमय बनता है। वृक्षों के प्रति कृतज्ञता की भावना व्यक्त करने के लिए वर्ष 2003 से वृक्ष रक्षाबंधन की पहल जारी रखी गई है। उन्होंने सभी से वृक्षों के प्रति आस्था रखते हुए उनका सम्मान और संरक्षण करने की अपील की।

इस अभियान में कल्पना मोहिते, शोभा देवडकर, आशा वाडेकर, वंदना वाडेकर, नंदिनी खैरे, ज्ञानेश्वरी टिपुगडे, साक्षी सूर्यवंशी, वनश्री जाधव, सरिता हळदकर, विद्या कुंभार, लता वडार, शालन भारमल, आनंदी खैरे, कासुबाई चित्रकार, शालन माने, कमल आपटे, पार्वती भोई, सुभाष खैरे, ओंकार पोतदार और मृत्युंजय सूर्यवंशी सहित अन्य लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का स्वागत और प्रस्तावना वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी ने की, जबकि आभार ओंकार पोतदार ने व्यक्त किया।

वृक्षों को राखी बांधकर मनाया गया यह रक्षाबंधन पर्यावरण संरक्षण के प्रति कृतज्ञता और जिम्मेदारी का संदेश देता है। मुरगूड में वर्ष 2003 से लगातार जारी यह पहल इस वर्ष 250 वृक्षों तक पहुंची।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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