ग्राम साधन व्यक्तियों ने दी जिल्हाधिकारी को पुकार, सामाजिक अंकेक्षण का नियमित काम देने की मांग तेज
चंद्रपुर जिले के 100 ग्राम साधन व्यक्तियों ने सामाजिक अंकेक्षण का नियमित काम न मिलने पर जिल्हाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व अन्य अधिकारियों को निवेदन सौंपा। दो वर्ष पूर्व हुई नियुक्ति के बावजूद वर्ष में केवल कुछ महीने काम मिलने से आजीविका संकट गहरा रहा है। नियमित रोजगार और विभिन्न योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण की मांग तेज।

चंद्रपुर—
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में सामाजिक अंकेक्षण कार्य से जुड़ी ग्राम साधन व्यक्तियों की आवाज एक बार फिर बुलंद हुई है। दो वर्ष पूर्व जिल्हाधिकारी के आदेशानुसार पैनल में शामिल किए गए 100 ग्राम साधन व्यक्तियों को नियमित काम न मिलने के कारण उनके सामने आजीविका का संकट गहरा गया है। इसी कारण उन्होंने जिल्हाधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, ग्रामविकास मंत्रालय और मनरेगा आयुक्त को निवेदन सौंपते हुए नियमित काम उपलब्ध कराने की मांग की है।
चंद्रपुर जिले के ये 100 ग्राम साधन व्यक्ति महाराष्ट्र राज्य सामाजिक अंकेक्षण व पारदर्शकता सोसायटी मंत्रालय, मुंबई–32 के अंतर्गत चयनित किए गए थे। राज्यभर के 34 जिलों में कुल 3400 ग्राम साधन व्यक्तियों की पैनल में नियुक्ति की गई है। हालांकि नियुक्ति को दो वर्ष पूरे होने के बावजूद इन्हें वर्ष में केवल एक से दो महीने ही सोशल ऑडिट का काम मिल पाता है। निधि उपलब्ध न होने के कारण शेष महीनों में कार्य पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे इन परिवारों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
उपजिल्हाधिकारी (रोहयो) कार्यालय द्वारा 21 अगस्त 2023 की विज्ञप्ति के अनुसार मनरेगा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के लिए इनकी नियुक्ति की गई थी। लेकिन दो वर्षों में इन्हें नियमित कार्य उपलब्ध नहीं कराया गया। ग्राम साधन व्यक्तियों का कहना है कि नियुक्ति के बावजूद वे वर्ष के अधिकांश महीनों में बेरोजगार रहने को मजबूर हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण कठिन हो रहा है।
निवेदन में मांग की गई है कि मनरेगा के अलावा अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण का कार्य भी पैनल में शामिल ग्राम साधन व्यक्तियों को सौंपा जाए। इनमें सामाजिक न्याय व सक्षमता मंत्रालय अंतर्गत संस्थाएं, स्वच्छता कर्मियों की मृत्यु के मामलों का सामाजिक अंकेक्षण, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना, राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा कानून, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति अभियान, समय शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वां वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), तथा अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।
ग्राम साधन व्यक्तियों ने यह भी मांग रखी कि छह-छह महीने में सामाजिक अंकेक्षण करने के शासनादेश का पालन किया जाए और सामाजिक अंकेक्षण सोसायटी को शासन के अनुसार 0.06 प्रतिशत निधि नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि 34 जिलों के 3400 ग्राम साधन व्यक्तियों को रोजगार सुनिश्चित हो सके।
निवेदन सौंपते समय चंद्रपुर जिला ग्राम साधन व्यक्ती संघटना के जिलाध्यक्ष प्रमोद राऊत, सचिव जयंत रामटेके, सहसचिव विनल बंडावार, सदस्य काजू पेरगुडीवार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संघटना ने इस मुद्दे को लेकर एक स्वर में मांग की कि शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजकर सामाजिक अंकेक्षण कार्यों का दायरा बढ़ाया जाए, जिससे चयनित व्यक्तियों को नियमित रोजगार प्राप्त हो सके।
चंद्रपुर जिले के ग्राम साधन व्यक्तियों की यह पहल न केवल उनके अधिकारों की पुकार है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण प्रणाली को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
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