आषाढ़ी एकादशी पर विद्यामंदिर दत्तनगर स्कूल की प्रबोधनात्मक दिंडी में संतविचार, संस्कार और देशभक्ति का संदेश
आषाढ़ी एकादशी पर बोरवडे के विद्यामंदिर दत्तनगर स्कूल में निकली प्रबोधनात्मक दिंडी में विद्यार्थियों ने संतविचार, भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का प्रेरक संदेश दिया।

आषाढ़ी एकादशी के पावन पर्व के अवसर पर कागल तहसील के बोरवडे स्थित विद्यामंदिर दत्तनगर स्कूल में आयोजित प्रबोधनात्मक दिंडी भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। संत परंपरा की विरासत, भारतीय संस्कृति का संरक्षण, सामाजिक एकता और देशभक्ति की भावना विद्यार्थियों के मन में मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को अभिभावकों और ग्रामीणों का उत्साहपूर्ण सहयोग मिला।
दिंडी में विद्यार्थियों ने संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव और संत एकनाथ सहित विभिन्न संतों की आकर्षक वेशभूषा धारण कर वारकरी परंपरा का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया। वहीं विठ्ठल-रुक्मिणी के स्वरूप में सजे नन्हे विद्यार्थियों ने सभी का विशेष ध्यान आकर्षित किया। टाल-मृदंग की गूंज के बीच "ज्ञानोबा-तुकाराम" और "पांडुरंग हरी" के अखंड जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
विद्यार्थियों ने अभंग, भारूड और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से संतों द्वारा दिए गए मानवता, समता, बंधुत्व और सदाचार के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिंद" के उद्घोष के माध्यम से देशभक्ति की भावना भी प्रकट की गई। भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर समन्वय इस प्रबोधनात्मक दिंडी में देखने को मिला।
स्कूल के इस आयोजन से विद्यार्थियों में अध्यात्म, संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक मजबूती मिली। उपस्थित अभिभावकों और ग्रामीणों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों तथा स्कूल के इस सराहनीय उपक्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सचिन मगदूम, सदस्य अक्षय घोडके, योगेश जाधव, विशाल बलुगडे, अमृता होळकर, मुख्याध्यापक विठ्ठल पाटील, रेश्मा पाटील, प्राजक्ता राठोड सहित अभिभावक, शिक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन : बोरवडे : आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर विद्यामंदिर दत्तनगर स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा संतविचार, भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का संदेश देते हुए निकाली गई प्रबोधनात्मक दिंडी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
