घरकुल की किस्तों में देरी पर वंचित बहुजन आघाड़ी का अनोखा प्रदर्शन, अधिकारियों को नींबू की टहनियां देकर जगाने का प्रयास
जालना में घरकुल योजना की लंबित किस्तों को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी ने अनोखा आंदोलन किया। अधिकारियों को नींबू की टहनियां देकर लाभार्थियों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई, जबकि प्रशासन ने सात दिन का आश्वासन दिया।

माळशेंद्रा के सरपंच विजय लहाने (बाएं से तीसरे, हाथ में नींबू की टहनी लिए) के नेतृत्व में वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने प्रकल्प अधिकारी सुनील पठाडे (दाएं) को ज्ञापन सौंपा।
जिले में घरकुल योजना के लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त मिलने में हो रही लंबी देरी के खिलाफ वंचित बहुजन आघाड़ी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक अनोखा आंदोलन किया। एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अनेक पात्र लाभार्थियों के खातों में घरकुल योजना की राशि जमा नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगें जोरदार तरीके से रखीं।
जानकारी के अनुसार, वंचित बहुजन आघाड़ी के युवा नेता एवं माळशेंद्रा के सरपंच विजय लहाने के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता और घरकुल लाभार्थी प्रकल्प अधिकारी सुनील पठाडे से मिलने पहुंचे। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को नींबू की टहनियां भेंट कर प्रतीकात्मक रूप से “सोए हुए प्रशासन को जगाने” का प्रयास किया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता आर.आर. पाटोळे, अंकुश गाडेकर, सुनील लोखंडे, अनिल साठे सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रकल्प अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि घरकुल योजना के पात्र लाभार्थियों के खातों में लंबित पहली और दूसरी किस्त की राशि तत्काल जमा कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से लाभार्थी अपने घरों के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन किस्त जारी न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन के दौरान प्रकल्प अधिकारी सुनील पठाडे ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि आगामी सात दिनों के भीतर लाभार्थियों के खातों में किस्त की राशि जमा कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन को निर्धारित समयसीमा का पालन करने की चेतावनी भी दी।
वंचित बहुजन आघाड़ी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय अवधि के भीतर लाभार्थियों को राशि प्राप्त नहीं होती है तो आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा तीव्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए, अन्यथा प्रशासन के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
घरकुल योजना की राशि का इंतजार कर रहे सैकड़ों लाभार्थियों की उम्मीदें अब प्रशासन द्वारा दिए गए सात दिन के आश्वासन पर टिकी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई न केवल लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि यह आंदोलन यहीं थमता है या फिर बड़े जनआंदोलन का रूप लेता है।

Rahul Mule, Jalna(Maharashtra)
नाम: राहुल सुरेश मुळे
पद: संवाददाता (प्रातकाल)
निवास स्थान: गीताई मधुबन कॉलोनी, जालना शहर
कार्यक्षेत्र: जालना (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम (अपराध), और प्रशासन (जालना शहर)
परिचय
राहुल सुरेश मुळे महाराष्ट्र के जालना क्षेत्र के एक बेहद अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह जालना शहर की गीताई मधुबन कॉलोनी के निवासी हैं और पिछले 15 वर्षों से जालना शहर व आसपास के क्षेत्रों में पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह 'प्रातकाल' के संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राहुल जी मुख्य रूप से जालना शहर की राजनीति, आपराधिक मामलों (क्राइम) और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी खबरों पर पैनी नजर रखते हैं और उन्हें पूरी निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
डेढ़ दशक (15 वर्ष) के अपने लंबे पत्रकारिता सफर में राहुल सुरेश मुळे जी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। 'प्रातकाल' से जुड़ने से पहले उन्हें निम्नलिखित समाचार पत्रों और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्राउंड रिपोर्टिंग का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव रहा है:
- दैनिक आनंद नगरी
- बदलता महाराष्ट्र
- दिव्यांग वार्ता
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं) पूरी की है। उनका जमीनी स्तर का लंबा अनुभव और जालना शहर की भौगोलिक व राजनीतिक परिस्थितियों पर मजबूत पकड़ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
