Black Magic on Ajit Pawar : बारामती नगरपरिषद की चुनावी हलचल उस वक्त और तीव्र हो गई जब सोमवार (दि. 17) की मध्यरात्रि को, यानी उसी दिन जब नगरपरिषद चुनाव के लिए प्रत्याशी नामांकन की आखिरी तिथि थी, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की सहयोग सोसायटी के पास किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक रहस्यमय पूजा-अनुष्ठान किया गया। इस घटना ने न सिर्फ चुनावी माहौल को और गरमा दिया है, बल्कि अंधविश्वास और राजनीतिक मकसद की आशंकाओं को भी हवा दे दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, पूजा में नारियल और नीबू का उपयोग किया गया, विभिन्न प्रकार की दालें रखीं गईं, काले रंग की चांदनी निकाली गई और हळदी-कुंकु, गारगोटी (छोटे बजरी जैसे पत्थर) भी प्रयोग में लाए गए। यह सामग्री पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान से हटकर एक तांत्रिक या जादुई अभिप्राय वाले रीति-रिवाज की ओर इशारा करती है। पूजा की रूपरेखा को देखकर राजनीतिक विरोधियों और स्थानीय सामाजिक न्यायवादियों में चर्चा छिड़ गई है कि कहीं यह अनुष्ठान सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि चुनावी लाभ के लिए एक रणनीति तो नहीं।

चुनावी समय में ऐसी रहस्यमयी पूजा न केवल धार्मिक आशंकाओं को बढ़ाती है, बल्कि यह सवाल भी खड़े करती है कि क्या यह कार्य उन लोगों द्वारा किया गया है जिन्हें सत्ता तक पहुंच का फायदा लेने का मकसद है। राज्य और स्थानीय स्तर पर कुछ समर्थकों ने तर्कसंगत नेतृत्व की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि ऐसी प्रथा लोकतंत्र और जनता की आवाज को खतरे में डाल सकती है, जब लोग भय या अंधविश्वास की ताकत से प्रभावित हों।

वहीं, प्रशासन की ओर से इस घटना की जांच की संभावना जताई जा रही है। अभी तक किसी पुलिस रिपोर्ट या एफआईआर दर्ज करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, पर स्थानीय अधिकारी इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मामला गम्भीरता से ले रहे हैं। यदि आवश्यक हुआ, तो पूजा की सामग्री और प्रयोग की गई वस्तुओं की फोरेंसिक जांच के माध्यम से तांत्रिक अभिप्राय की गहराई का आकलन किया जा सकता है।

इस घटना का चुनावी चक्र पर असर साफ दिखता है। बारामती में उपमुख्यमंत्री के घर के ठीक पास हुआ यह अनूठा अनुष्ठान, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वता के बीच धर्म और राजनीति के मिश्रण की संभावनाओं को उजागर करता है। देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा और तर्कसंगतता की चाह रखने वाले नागरिकों के लिए यह पुजा सिर्फ रहस्य ही नहीं, चेतावनी भी बनी हुई है कि चुनावी रणनीतियों में अंधविश्वास को अब भी एक हथियार के रूप में देखा जा सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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