लातूर में बेखौफ लुटेरों का तांडव: पुलिस अधिकारी भी नहीं सुरक्षित, मॉर्निंग वॉक के दौरान सरेआम छीना कीमती मोबाइल
लातूर में अपराधियों के हौसले बुलंद! एमआईडीसी इलाके में मॉर्निंग वॉक के दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक बालासाहेब विष्णु डोंगरे से 1.12 लाख का मोबाइल लूटकर बदमाश फरार। पुलिस अधिकारी पर हुए इस हमले से शहर में सनसनी और सुरक्षा पर उठे सवाल। पुलिस उपनिरीक्षक पोगुलवार मामले की जांच में जुटे। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

महाराष्ट्र के लातूर शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब आम जनता तो दूर, खाकी वर्दी वाले भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। शहर में बढ़ते अपराधों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है और नागरिकों के मन में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लातूर के एमआईडीसी क्षेत्र में चोरों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक पुलिस अधिकारी को ही अपना निशाना बनाया और दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
घटना का विवरण अत्यंत चौंकाने वाला है। लातूर जिले के एक पुलिस थाने में कार्यरत सहायक पुलिस निरीक्षक बालासाहेब विष्णु डोंगरे हमेशा की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। जब वे एमआईडीसी इलाके में अपनी सैर पूरी कर सरकारी आवास की ओर लौट रहे थे, तभी एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के ठीक पीछे स्थित होटल 'इनरिस बाय सयाजी' के पास यह वारदात हुई। सुबह के करीब 8:30 बजे, जब सड़कों पर चहल-पहल शुरू हो चुकी थी, एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाश तेजी से डोंगरे के पास पहुंचे। इससे पहले कि अधिकारी कुछ समझ पाते, लुटेरों ने उनके हाथ से लगभग 1,12,500 रुपये की कीमत वाला मोबाइल फोन झपटा और पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए।
यह पूरी घटना इतनी तेजी से घटी कि पुलिस अधिकारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपराधी एम.एच. 24 – डब्ल्यू – 6614 नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। इस दुस्साहसी लूट के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईडीसी पुलिस थाने में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस संवेदनशील प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी पुलिस उपनिरीक्षक पोगुलवार को सौंपी गई है, जो फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और वाहन के नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटे हैं।
लातूर में मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल छीनने और चेन स्नेचिंग की घटनाएं पहले भी सुर्खियां बनती रही हैं, लेकिन कानून के रक्षक पर हुए इस सीधे हमले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में अब इस बात को लेकर भारी चिंता है कि यदि एक पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की क्या बिसात? इस घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब सुबह की सैर पर निकलते समय कीमती सामान साथ ले जाना जान जोखिम में डालना है। शहर की जनता अब पुलिस प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई और गश्त बढ़ाने की मांग कर रही है ताकि लातूर की सड़कों पर खोया हुआ सुरक्षा का विश्वास बहाल किया जा सके।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
