धुले जिले के कापडणे गांव में पतंग उड़ाने का रोमांच एक ऐसा भयावह रूप लेकर आया जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। सोमवार सुबह मात्र कुछ ही पलों में आसमान में थिरकती पतंग का आनंद मातम में बदल गया, जब 11 वर्षीय छात्र रक्षित प्रभाकर पाटिल की ऊंचाई से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, रक्षित आदर्श कन्या हाईस्कूल में छठी कक्षा का छात्र था। स्कूल जाने से पहले वह अपने दोस्तों के साथ गांव के एक दो मंजिला मकान की छत पर पतंग उड़ा रहा था। हवा के साथ लहराती पतंग को थामने के प्रयास में उसकी पूरी नजर आसमान पर थी, जिससे उसे छत के किनारे और खुले डक्ट का अंदाजा नहीं रहा। पतंग की डोर खींचते हुए अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह दूसरी मंजिल के खुले डक्ट में सीधे नीचे जा गिरा। गहरी गिरावट से उसे सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगीं, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

रक्षित गांव के पूर्व सरपंच झोपा खंडू पाटिल का पोता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाकर झोपा पाटिल का छोटा बेटा था। घटना की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग स्थल पर पहुंचे और माहौल शोकग्रस्त हो गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि गांव में हर चेहरा सदमे और गहरे दुःख से भरा दिखाई दे रहा है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की प्रारंभिक जानकारी जुटाई है, जबकि गांववासियों ने बच्चे की आकस्मिक मौत को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

यह दिल दहला देने वाला हादसा एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि पतंगबाज़ी के दौरान जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

Pratahkal Newsroom

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