महाराष्ट्र सरकार ने आज देश के रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक सुधार लागू कर दिया है। पहली बार राज्य के हर फ्लैट मालिक को ऐसा अधिकार मिलने जा रहा है, जिसकी मांग पिछले कई दशकों से उठती रही थी। अब हर फ्लैट धारक को ‘वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड’ जारी किया जाएगा, जिसमें न सिर्फ उसके फ्लैट का विवरण होगा, बल्कि इमारत के नीचे की जमीन में उसका निश्चित हिस्सा भी स्थायी रूप से दर्ज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे “देश का सबसे बड़ा प्रॉपर्टी रिफॉर्म” बताते हुए कहा कि आज के बाद फ्लैट का मालिक होना सिर्फ छत का मालिक होना नहीं, बल्कि जमीन पर मालिकाना हक पाना भी होगा।

नए कार्ड में इमारत का कुल क्षेत्रफल, मालिक की सटीक हिस्सेदारी—जैसे 1/150 हिस्सा—और एक क्यूआर कोड के साथ डिजिटल सिग्नेचर दर्ज होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब फ्लैटधारकों का नाम सीधे 7/12 भूमि अभिलेख में शामिल किया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे किसी गांव में जमीन मालिक का नाम दर्ज होता है।

नए फ्लैटों के लिए यह कार्ड 1 जनवरी 2026 से अनिवार्य कर दिया जाएगा। जबकि राज्य के मौजूदा 2 करोड़ फ्लैट मालिक मात्र 500 रुपये शुल्क देकर 2027 तक यह कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद बैंक ऋण, पुनर्विकास मंजूरी, उत्तराधिकार हस्तांतरण जैसी प्रक्रियाएं 48 घंटे में पूरी हो जाएंगी, जो पहले महीनों तक अटकी रहती थीं।

राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि इस कार्ड के साथ “60 साल की जटिलता खत्म हो गई है” और महाराष्ट्र ने पूरे देश को एक नया मॉडल दे दिया है। यह कदम न केवल पारदर्शिता को बढ़ाएगा, बल्कि नागरिकों को उनकी संपत्ति पर कानूनी सुरक्षा भी प्रदान करेगा।

Ruturaj Ravan

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यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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