लाडकी बहिन योजना की अगली किस्त पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक; बहनों को करना होगा इंतजार
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव 2026: चुनाव आयोग ने 'लाडकी बहिन योजना' की अग्रिम किस्त रोकने का दिया आदेश। मकर संक्रांति पर दिसंबर और जनवरी के 3,000 रुपये देने की सरकार की योजना पर लगी रोक। जानें क्यों 15 जनवरी के मतदान से पहले आचार संहिता बनी बहनों के 'एडवांस' तोहफे में रुकावट और क्या है आयोग का पूरा निर्देश।

Election Commission stays Advance payment of Ladki Bahin Yojana Maharashtra 2026 : महाराष्ट्र की राजनीति में 'लाडकी बहिन योजना' को लेकर एक बार फिर घमासान छिड़ गया है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के महत्वपूर्ण चुनावों से ठीक पहले, राज्य निर्वाचन आयोग ने महायुति सरकार के एक बड़े फैसले पर कैंची चला दी है। आयोग ने स्पष्ट आदेश दिया है कि आदर्श आचार संहिता के चलते लाभार्थियों को जनवरी महीने का लाभ 'एडवांस' (अग्रिम) रूप में नहीं दिया जा सकता। मकर संक्रांति के अवसर पर बहनों के खाते में दिसंबर और जनवरी की संयुक्त किस्त डालने की सरकार की तैयारी को चुनाव आयोग के इस निर्णय से बड़ा झटका लगा है।
विपक्ष की शिकायत और आयोग का हड़कंप :
इस पूरे विवाद की जड़ वे खबरें बनीं जिनमें दावा किया जा रहा था कि 14 जनवरी से पहले लाडकी बहनों के खातों में दिसंबर और जनवरी माह के कुल 3,000 रुपये जमा किए जाएंगे। 15 जनवरी को होने वाले मतदान से ठीक एक दिन पहले भारी-भरकम राशि के इस हस्तांतरण को लेकर विपक्षी दलों ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए, चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। आयोग ने साफ किया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी पुरानी योजना का 'अग्रिम भुगतान' करना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
चुनाव आयोग का आधिकारिक रुख और निर्देश :
मुख्य सचिव की रिपोर्ट और कानूनी पहलुओं की समीक्षा के बाद निर्वाचन आयोग ने अपने फैसले में निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट किया है:
- नियमित लाभ जारी रहेगा: चुनाव घोषणा से पहले शुरू की गई योजनाओं का नियमित या लंबित (Pending) लाभ दिया जा सकता है।
- अग्रिम भुगतान पर पाबंदी: जनवरी माह की किस्त, जो समय से पहले दी जा रही थी, उस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- नए लाभार्थियों पर रोक: आचार संहिता की अवधि के दौरान योजना के तहत किसी भी नए लाभार्थी का चयन या पंजीकरण नहीं किया जा सकेगा।
- स्थानीय निकाय चुनाव: यह प्रतिबंध उन क्षेत्रों में प्रभावी होगा जहाँ 15 जनवरी को स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के लिए मतदान होना है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
