जामनेर में एक युवक के लापता होने की गुत्थी ने जब भयावह रूप लिया, तो पूरे जळगांव जिले में सनसनी फैल गई। बीते पांच दिनों से लापता निलेश राजेंद्र कासार (उम्र 27) का शव शुक्रवार सुबह रामदेववाड़ी इलाके के घने जंगल में स्थित एक तालाब से बरामद हुआ। शव को बोरी में बांधकर पानी में फेंका गया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है।

निलेश जामनेर के दत्त चैतन्य नगर का निवासी था और 15 दिसंबर की रात से अचानक लापता हो गया था। उसका मोबाइल फोन बंद मिलने और कुछ समय बाद उसकी दोपहिया वाहन के लावारिस हालत में मिलने से परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईडीसी पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व गोपनीय सूचनाओं के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया।

जांच के दौरान पुलिस को निलेश के दो करीबी दोस्तों—भूषण बालू पाटील और दिनेश चौधरी (महाजन)—पर संदेह हुआ। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी गुजरात में छिपे हुए हैं। इसके बाद विशेष पुलिस टीम ने गुजरात जाकर दोनों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुराने व्यक्तिगत विवाद के चलते निलेश की हत्या करने की बात कबूल की।

आरोपियों के अनुसार, हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से निलेश के शव को बोरी में भरकर रामदेववाड़ी के जंगल स्थित तालाब में फेंक दिया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर शव को पानी से बाहर निकाला। इस दर्दनाक घटना ने जामनेर और आसपास के इलाकों में गहरा आक्रोश और शोक पैदा कर दिया है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय भेज दिया है। एमआईडीसी पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज में बढ़ते आपसी विवादों के खतरनाक परिणामों की भी गंभीर चेतावनी है।

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