ठाणे म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास को मिली गति, लीज रेंट ब्याज पर राहत
प्रताप सरनाईक की बैठक में भूमि रिकॉर्ड हस्तांतरण और अतिरिक्त FSI पर फैसले से हजारों परिवारों को नया घर मिलने का रास्ता साफ होगा।

म्हाडा मुख्यालय में मंत्री प्रताप सरनाईक ने ठाणे की कॉलोनियों के पुनर्विकास पर उच्चस्तरीय बैठक ली।
ठाणे। ठाणे की चार दशक पुरानी म्हाडा कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास का रास्ता आसान होता दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से 146 ओवला-माजीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वर्तक नगर, शिवाई नगर, स्वामी विवेकानंद नगर और पवार नगर के निवासियों को लंबे समय से अटकी पुनर्विकास परियोजनाओं और आर्थिक बोझ से राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल की है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं धाराशिव के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में बांद्रा स्थित म्हाडा मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पुनर्विकास कार्यों को गति देने और निवासियों को आर्थिक राहत पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बैठक में म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल, ठाणे महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव, ठाणे जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, कोंकण म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विशाल राठौड़, टीएमसी के नगर नियोजन सहायक निदेशक संग्राम कनाडे, पूर्व नगरसेविका परिषा सरनाईक सहित अनेक वास्तुकार और स्थानीय आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कई वर्षों से लंबित बकाया राशि, ब्याज के जुर्माने और भूमि अभिलेखों में दर्ज विसंगतियों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों को वर्ष 2019 से रुकी हुई भूमि अभिलेख पंजीकरण प्रक्रिया तत्काल दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने लीज रेंट के बकाया पर अब तक जमा हुए ब्याज को पूरी तरह माफ करने के लिए राज्य सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का निर्देश भी दिया। म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने इस निर्देश पर सकारात्मक रुख दिखाया। स्थानीय निवासियों की समस्याओं का सीधे समाधान करने के लिए मंगलवार, 17 नवंबर 2026 को शिवाई नगर में विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
आर्थिक मामलों पर मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया कि लीज रेंट का भुगतान केवल चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से स्वीकार किया जाएगा। म्हाडा की प्रशासनिक देरी के कारण आम निवासियों पर किसी प्रकार का विलंब शुल्क या जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। भूमि मापन सर्वेक्षण पूरा होने और निर्धारित शुल्क जमा किए जाने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड यानी 7/12 उतारों में जमीन का पंजीकरण अब तक राज्य सरकार के नाम पर दर्ज है। इस विसंगति को दूर करने के लिए दिवाली के तुरंत बाद कोंकण म्हाडा, टीएमसी के नगर नियोजन अधिकारियों और परियोजना वास्तुकारों की संयुक्त बैठकें शुरू की जाएंगी। इन बैठकों के माध्यम से भूमि स्वामित्व अभिलेखों को युद्धस्तर पर म्हाडा के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड म्हाडा के नाम स्थानांतरित होने के बाद एकीकृत विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन विनियम (यूडीसीपीआर) के तहत अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) देने में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर हो सकेंगी। अतिरिक्त एफएसआई मिलने से पुनर्विकास परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे निवासियों को पहले की तुलना में बड़े और बेहतर सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा।
पुनर्विकास के दौरान अस्थायी आवासों में रहने को मजबूर होने वाले परिवारों के हितों की सुरक्षा के लिए भी सख्त प्रावधान लागू किए जाएंगे। इसके तहत डेवलपर्स को प्रभावित परिवारों को प्रत्येक महीने किराये का भुगतान समय पर करना सुनिश्चित करना होगा। परियोजनाओं में अनावश्यक देरी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुनर्विकास योजना में केवल आवास निर्माण तक सीमित रहने के बजाय सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन को भी शामिल किया जाएगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस पहल के सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "ठाणे की म्हाडा कॉलोनियों का पुनर्विकास केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करने का मामला नहीं है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों से जुड़ा संवेदनशील मानवीय मुद्दा है, जो चार दशकों से असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे हैं। लीज रेंट के बोझ से राहत दिलाने से लेकर 7/12 भूमि अभिलेखों को अद्यतन कराने तक, हम हर कदम का व्यक्तिगत रूप से समन्वय कर रहे हैं। म्हाडा और ठाणे महानगरपालिका के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा, ताकि निवासियों को तेजी से, कानूनी रूप से उचित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जा सके।"
बैठक में हुई घोषणाओं से शिवाई नगर सहित आसपास के इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से पुनर्विकास के मुद्दे को उठाने और उनके हितों की पैरवी करने के लिए मंत्री प्रताप सरनाईक तथा पूर्व नगरसेविका परिषा सरनाईक के प्रति आभार व्यक्त किया। भूमि अभिलेखों के हस्तांतरण, लीज रेंट पर ब्याज माफी, अतिरिक्त एफएसआई और बिल्डरों की जवाबदेही से जुड़े फैसलों को इन पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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