ग्रंथमित्र तानाजीराव मगदूम की स्मृतियों को नमन: १८ जून को मुरगूड में श्रीमंत कोकाटे का व्याख्यान
कोल्हापूर के ग्रंथमित्र तानाजीराव मगदूम की स्मृति में १८ जून को मुरगूड में एक भव्य व्याख्यान का आयोजन किया गया है। प्रसिद्ध इतिहासकार श्रीमंत कोकाटे इस विशेष कार्यक्रम में अपने विचारों से समाज को मार्गदर्शन देंगे। क्या यह आयोजन वाचन संस्कृति को नई दिशा देगा?

कोल्हापूर के सुप्रसिद्ध ग्रंथमित्र स्व. तानाजीराव अनंत मगदूम के अमृत महोत्सव के अवसर पर उनके जीवन और वैचारिक विरासत को समर्पित एक विशेष 'स्मृति वंदना सोहळा' का आयोजन किया जा रहा है। साहित्य, इतिहास और वाचन संस्कृति के प्रति तानाजीराव के अगाध प्रेम और समाज प्रबोधन के उनके मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार, १८ जून को सुबह ११ बजे मुरगूड के केदार मल्टीपर्पज हॉल में एक भव्य व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित होगा। इस आयोजन की मुख्य विशेषता प्रसिद्ध इतिहासकार और प्रखर वक्ता श्रीमंत कोकाटे की उपस्थिति होगी, जो अपने विशेष उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन करेंगे।
कोल्हापूर जिल्हा ग्रंथालय संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में इतिहास, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रंथप्रेमियों का जुटान होगा। आयोजकों, प्रा. डॉ. सुशांत मगदूम और प्रशांत मगदूम ने बताया कि यह कार्यक्रम स्व. तानाजीराव मगदूम द्वारा जीवनपर्यंत किए गए ग्रंथ संवर्धन और सामाजिक जागरण के कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक विनम्र प्रयास है।
इस वैचारिक समागम में गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज कराने हेतु मुरगूड की नगराध्यक्षा सौ. सुहासिनीदेवी पाटील, राधानगरी पंचायत समिती के सभापति आर. वाय. पाटील, कोल्हापूर महानगरपालिका के नगरसेवक सुनील वाडकर तथा भाजपा के जिला अध्यक्ष नाथाजी पाटील मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि सभा है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक बौद्धिक अवसर है जो इतिहास और ज्ञान के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। यह स्मृति वंदना सोहळा ग्रंथमित्र तानाजीराव मगदूम की उस मशाल को प्रज्वलित रखने का एक मंच बनेगा, जिसे उन्होंने अपने कर्मों से जीवनभर रोशन रखा था।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
