मुंबई स्थित मंत्रालय में आज उस समय महत्वपूर्ण प्रशासनिक चर्चा देखने को मिली जब ‘स्वराज्य शिक्षक संघ, महाराष्ट्र राज्य’ के राज्यस्तरीय शिष्टमंडल ने राज्य के इतर मागास बहुजन कल्याण मंत्री Atul Save से मुलाकात की। इस बैठक में आश्रमशालाओं में कार्यरत प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वर्षों से लंबित विभिन्न मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

शिष्टमंडल ने मंत्री के समक्ष आश्रमशाला शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जुड़े न्यायसंगत और लंबे समय से लंबित प्रश्नों को गंभीरता से उठाया। संगठन की ओर से बताया गया कि कनिष्ठ महाविद्यालय के प्राध्यापकों को आदिवासी एवं शालेय शिक्षण विभाग की तर्ज पर पूर्वलक्षी प्रभाव से वरिष्ठ वेतन श्रेणी और चयन श्रेणी लागू की जाए। इसके साथ ही आश्रमशाला संहिता से जुड़े विषयों पर मंत्रालय स्तर पर लंबित बैठक को शीघ्र आयोजित करने की मांग रखी गई।

बैठक में यह भी आग्रह किया गया कि बिंदू नामावली और सेवा ज्येष्ठता के आधार पर ही अतिरिक्त कर्मचारियों का निर्धारण किया जाए तथा राज्यभर में अतिरिक्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के समायोजन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। साथ ही विभाग में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने, सेवा पुस्तिकाओं एवं भविष्य निर्वाह निधि (GPF) खातों को ऑनलाइन करने तथा GPF पावती व्यवस्था को सुलभ बनाने की भी मांग रखी गई।

इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत मुख्याध्यापक, लिपिक और प्राथमिक शिक्षकों के वेतन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने, आश्रमशालाओं में प्रभारी मुख्याध्यापक पदों को समाप्त कर स्थायी नियुक्ति करने तथा DCPS कर्मचारियों के वेतन अंतर और NPS खातों के अद्यतन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आश्वासित प्रगति योजना के तहत 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा अवधि पर लाभ लागू करने तथा बंद किए गए भत्तों को पुनः शुरू करने की मांग भी प्रतिनिधिमंडल ने रखी।

शिष्टमंडल का नेतृत्व ‘स्वराज्य शिक्षक संघ, महाराष्ट्र राज्य’ के प्रदेशाध्यक्ष फत्तेसिंह पवार ने किया। बैठक में कई राज्यस्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पुणे जिला अध्यक्ष संदीप गोसावी, लक्ष्मीकांत ठाकुरद्रारे, सुभाष शेडबाळ (प्रदेश संघटक, सोलापूर), सागर पाटील (प्रदेश प्रसिद्धी प्रमुख, उत्तर सोलापूर), मच्छिंद्रनाथ भांडेकर (जिल्हाध्यक्ष, सोलापूर), नंदकुमार बाबर (प्रदेश सल्लागार, सांगोला), प्रकाश तोडकरी, दिलीप आखाडे (प्रदेश समन्वयक व जिल्हाध्यक्ष, धुळे), राकेशकुमार वाघ, रवींद्र राठोड और संतोष सूर्यवंशी सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

मंत्री Atul Save ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय में जल्द ही विशेष बैठक आयोजित करने और प्रलंबित प्रश्नों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद आश्रमशाला शिक्षक और कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है और अब प्रस्तावित मंत्रालयीन बैठक पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।

Pratahkal Bureau

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