महाराष्ट्र में शिक्षक संगठनों द्वारा घोषित राज्यव्यापी स्कूल बंद आंदोलन के तहत नंदुरबार जिले में आज स्थिति ने एक अलग ही मोड़ ले लिया। निर्धारित मोर्चे को पुलिस प्रशासन से अनुमति न मिलने पर आंदोलन का स्वरूप बदलते हुए जिला समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिल्हाधिकारी के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए शिक्षक वर्ग की भावनाएँ और उनकी प्रमुख मांगیں सीधे राज्य सरकार तक पहुंचाई गईं।

५ दिसंबर २०२५ को महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक–शिक्षकेतर कर्मचारी संघटना समन्वय समिती के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन का उद्देश्य राज्य के शिक्षकों के लंबित और तात्कालिक प्रश्नों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। नंदुरबार में समिति ने इस मुद्दे को शांतिपूर्ण और संगठित ढंग से आगे बढ़ाते हुए प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद अपनी बात औपचारिक तरीके से दर्ज कराई।

जिला प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा, नगरपालिका चुनावों की आचार संहिता और पुलिस निरीक्षक नंदुरबार द्वारा मोर्चे की अनुमति न मिलने के कारण प्रस्तावित रैली को स्थगित करना पड़ा। इसके स्थान पर समन्वय समिति ने सरकार तक संदेश पहुंचाना जारी रखते हुए ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें पेश कीं। समिति ने राज्य शासन से अपील की है कि वह शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित और सकारात्मक समाधान करते हुए शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता सुनिश्चित करे।

आंदोलन भले ही अपने मूल स्वरूप में आयोजित न हो सका हो, लेकिन नंदुरबार जिला समन्वय समिति की यह पहल राज्यभर के शिक्षकों की समस्याओं को सरकार के समक्ष गंभीरता से पुनः स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनी है।

Pratahkal Newsroom

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