सिल्लोड के पिंपलगांव पेठ में कृषि ड्रोन तकनीक मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित
कृषि विभाग और मामा ड्रोन्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, कम लागत में सटीक छिड़काव और सरकारी अनुदान योजना की जानकारी दी गई।

तस्वीर में दिख रही एक मंदिर के सामने खुली जगह पर लोगों की भीड़ जमा है, जहां दो व्यक्ति ज़मीन पर रखे एक कृषि ड्रोन का संचालन कर रहे हैं और बाकी लोग उसे देख रहे हैं।
सिल्लोड तहसील के पिंपलगांव पेठ गांव में गुरुवार सुबह 9 बजे कृषि विभाग एवं मामा ड्रोन्स के संयुक्त तत्वावधान में किसानों के लिए ड्रोन तकनीक विषयक मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान तालुका कृषि अधिकारी संदीप जगताप, उप कृषि अधिकारी परीक्षित पाटील तथा मंडल कृषि अधिकारी संजय मोरे ने किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कृषि ड्रोन खरीद पर उपलब्ध अनुदान, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा ड्रोन तकनीक से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक छिड़काव संभव है, जिससे मजदूरी खर्च में कमी आती है, कीटनाशकों का नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित होता है तथा फसल उत्पादन में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम में मामा ड्रोन्स के संचालक धीरज बोर्डे तथा उनके सहयोगी शुभम कुंभार और जयकिशन तोरसकर ने किसानों को ड्रोन संचालन की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक, फफूंदनाशक एवं खरपतवारनाशक दवाओं के छिड़काव की विस्तृत जानकारी दी तथा समय की बचत, पानी की बचत, मजदूरों पर निर्भरता में कमी और कृषि के आधुनिकीकरण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान ड्रोन का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में पिंपलगांव पेठ के प्रगतिशील किसान सदाशिव फुले का कृषि विभाग द्वारा ड्रोन योजना के लिए चयन किया गया तथा उन्हें 40 प्रतिशत अनुदान पर कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद क्षेत्र के किसानों में आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के प्रति उत्साह का वातावरण देखा गया। सदाशिव फुले अब अपने खेतों के साथ-साथ आसपास के किसानों को भी ड्रोन स्प्रे सेवा उपलब्ध कराएंगे।
विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र में सटीक छिड़काव संभव होने से उत्पादन लागत में कमी आती है। इसके साथ ही किसानों का जहरीले रसायनों से प्रत्यक्ष संपर्क नहीं होता, जिससे उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। 80 से 90 प्रतिशत तक पानी की बचत, फसलों पर समान छिड़काव के कारण उत्पादन में वृद्धि तथा दलदली एवं दुर्गम खेतों में भी आसान छिड़काव जैसे लाभ इस तकनीक को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में ड्रोन तकनीक आधुनिक खेती का एक महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, मामा ड्रोन्स के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि आधुनिक तकनीक अपनाकर ही कृषि को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और किफायती बनाया जा सकता है।

Rupesh Thakur, छत्रपती संभाजी नगर
रुपेश ठाकुर, छत्रपती संभाजी नगर से जुड़े एक अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे समाचार की वास्तविकता और तथ्यों को प्राथमिकता देते हुए समाज और राज्य की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग करते हैं। रुपेश अपनी त्वरित और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं और पाठकों तक समाचार को साफ़, स्पष्ट और विश्वसनीय तरीके से पहुँचाने का प्रयास करते हैं। उनकी लेखनी में समाचार की गंभीरता के साथ-साथ पाठक को जानकारीपूर्ण अनुभव प्रदान करने की क्षमता है।
