सिल्लोड तहसील के मौजे भवन (चिंवकनगर) गांव में गहराते पेयजल संकट ने अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। कई महीनों से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे गांववासियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते हुए समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, गांव में दिसंबर-जनवरी से ही पेयजल की कमी की समस्या लगातार बनी हुई है। इस वर्ष स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिसके कारण ग्रामीणों को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रशासन से मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पानी की समस्या को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच 15 जून 2026 की शाम उपसरपंच भारती शिवाजी दाभाडे के नेतृत्व में गांव की महिलाओं ने ग्राम पंचायत कार्यालय पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया था। इस घटना के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया।

इसी क्रम में 17 जून 2026 को उपसरपंच भारतीताई दाभाडे, पूर्व उपसरपंच विजय खाजेकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तालुका अध्यक्ष दत्तात्रेय पाटील पांढरे तथा शिवाजी दाभाडे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत समिति सिल्लोड पहुंचकर समूह विकास अधिकारी (बीडीओ) रत्नाकर पगार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए गांव की पेयजल समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करने की मांग की। साथ ही प्रशासन को आगाह किया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो 19 जून 2026 को छत्रपति संभाजीनगर–जलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम (रास्ता रोको) आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

भवन गांव में पेयजल संकट को लेकर बढ़ता जनाक्रोश अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर कितना शीघ्र और प्रभावी निर्णय लेता है।

Rupesh Thakur, छत्रपती संभाजी नगर

Rupesh Thakur, छत्रपती संभाजी नगर

रुपेश ठाकुर, छत्रपती संभाजी नगर से जुड़े एक अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे समाचार की वास्तविकता और तथ्यों को प्राथमिकता देते हुए समाज और राज्य की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग करते हैं। रुपेश अपनी त्वरित और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं और पाठकों तक समाचार को साफ़, स्पष्ट और विश्वसनीय तरीके से पहुँचाने का प्रयास करते हैं। उनकी लेखनी में समाचार की गंभीरता के साथ-साथ पाठक को जानकारीपूर्ण अनुभव प्रदान करने की क्षमता है।

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