कागल स्थित श्रीराम मंदिर देवस्थान जीर्णोद्धार समिति की ओर से श्रावण मास के अवसर पर श्रीराम मंदिर में सोमवार, 31 अगस्त से रविवार, 6 सितंबर तक भव्य श्रीमद् भागवत सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में श्रीमद् भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का निरूपण, कीर्तन-प्रवचन और विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से भागवत सप्ताह का लाभ लेने का आह्वान करते हुए कहा है, ‘हरिकथा में रममाण रहकर हरिचरणों के आश्रय से जीवन को सुख-संपन्न, आनंदी और सुरक्षित रखना चाहिए।’ सप्ताह में कथा का निरूपण कथाकार सौ. कांचनताई धनाले करेंगी।

सप्ताह का शुभारंभ सोमवार, 31 अगस्त को शाम 5 से 7 बजे तक होगा। इस दौरान श्रीमद् भागवत महात्म्य कथारंभ, मुनीजिज्ञासा तथा नारद-व्यास संवाद का निरूपण किया जाएगा।

मंगलवार, 1 सितंबर को श्रीशुक चरित्र, राजा परीक्षित चरित्र, मनु-कर्दम चरित्र और कपिल व्याख्यान होगा। बुधवार, 2 सितंबर को सतीचरित्र, ध्रुव आख्यान, भरत चरित्र, अजामिळ आख्यान, नरसिंह अवतार और प्रल्हाद चरित्र का निरूपण किया जाएगा।

गुरुवार, 3 सितंबर को गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार और श्रीराम चरित्र के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। शुक्रवार, 4 सितंबर को नंद उत्सव, श्रीकृष्ण बाललीला, कुमारलीला और गोवर्धन पूजा का आयोजन होगा।

शनिवार, 5 सितंबर को रासक्रीड़ा, कंसवध तथा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह जैसे प्रसंगों का निरूपण किया जाएगा।

सप्ताह का समापन रविवार, 6 सितंबर को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होगा। इस दौरान द्वारिका लीला, सुदाम चरित्र, उद्धव उपदेश और मार्कंडेय कथा का निरूपण किया जाएगा तथा श्रीमद् भागवत कथा की समाप्ति होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। आयोजकों ने महाप्रसाद के लिए श्रद्धालुओं से यथाशक्ति सहयोग करने का आह्वान किया है।

कागल के श्रीराम मंदिर में होने वाला यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत सप्ताह धार्मिक कथा, कीर्तन-प्रवचन और विविध धार्मिक आयोजनों के साथ 31 अगस्त से 6 सितंबर तक चलेगा।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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