ग्रामीण-शहरी शैक्षणिक दरी घटाने के लिए श्री मौनी विद्यापीठ की नई पहल
गारगोटी के श्री मौनी विद्यापीठ में 30 सितंबर को ग्रामीण-शहरी शैक्षणिक दरी और तकनीक के उपयोग पर विशेष मुक्त संवाद आयोजित होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-स्नेही और भविष्याभिमुख बनाने के उद्देश्य से श्री मौनी विद्यापीठ, गारगोटी की ओर से भुदरगड़ तालुका के स्कूल शिक्षकों, मुख्याध्यापकों और शिक्षा संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए विशेष मुक्त संवाद आयोजित किया जाएगा। ‘तकनीक के माध्यम से ग्रामीण-शहरी शैक्षणिक दरी कम करना’ विषय पर होने वाला यह संवाद ग्रामीण शिक्षा में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल, स्थानीय चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों पर केंद्रित रहेगा।
यह मुक्त संवाद बुधवार, 30 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक श्री मौनी विद्यापीठ परिसर स्थित जी.टी.सी. हॉल में आयोजित होगा। विद्यापीठ प्रशासन ने पत्रकार परिषद में इसकी जानकारी दी।
कार्यक्रम में शिवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजनीश कामत प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं नाबार्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं श्री मौनी विद्यापीठ के महासंचालक डॉ. यशवंत थोरात ग्रामीण शिक्षा के संदर्भ में तकनीक से जुड़ी संभावनाओं, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तृत मार्गदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम में गरवारे टेक्निकल फायबर्स, पुणे के प्रमुख डॉ. संजय चराटी, डॉ. डी. वाय. पाटील शैक्षणिक संकुल, साळोखेनगर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवश्री सतेज पाटील तथा राजाराम कॉलेज, कोल्हापुर की पूर्व प्राचार्या डॉ. अनिता बोडके की प्रमुख उपस्थिति रहेगी।
वर्तमान तकनीक युग में ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक अंतर बढ़ने की संभावना को देखते हुए ग्रामीण शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं, मुख्याध्यापकों, शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के नेतृत्व को संयुक्त प्रयास करने की आवश्यकता पर संवाद में चर्चा होगी। इसी पृष्ठभूमि में आयोजित इस मुक्त संवाद के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की शैक्षणिक समस्याओं, तकनीक के प्रभावी उपयोग, उपलब्ध अवसरों और भविष्य की जरूरतों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
स्थानीय स्तर की समस्याओं को सामने रखने के साथ ही विभिन्न संस्थाओं के अनुभवों और उपक्रमों का आदान-प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस और व्यावहारिक उपायों पर भी चर्चा की जाएगी, ऐसी जानकारी विद्यापीठ प्रशासन ने दी।
पत्रकार परिषद में श्री मौनी विद्यापीठ के चेयरमैन मधुकर देसाई, संचालक डॉ. पी. बी. पाटील, कर्मचारी प्रतिनिधि डॉ. अरविंद चौगले, कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे, उपप्राचार्य डॉ. एस. बी. देसाई सहित अन्य उपस्थित थे। डॉ. अरुण नलवडे ने आभार व्यक्त किया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
