महाराष्ट्र और कर्नाटक के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्रीक्षेत्र वाघापूर (ता. भुदरगड) स्थित ग्रामदेवता श्री ज्योतिर्लिंग (केदारलिंग) मंदिर की नागपंचमी यात्रा उत्साह और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई। यात्रा के अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी। प्रशासन, देवस्थान समिति, ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों के समन्वित नियोजन से यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हुई।

नागपंचमी के दिन तड़के से ही ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। सुबह पांच बजे कोल्हापुर के पालकमंत्री प्रकाश आबिटकर और उनकी पत्नी विजयालक्ष्मी आबिटकर के हाथों ज्योतिर्लिंग का विधिवत अभिषेक और महापूजा की गई। इसके बाद महाआरती हुई और श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के दर्शन खोल दिए गए।

इस अवसर पर कुंभार समाज की ओर से नागपंचमी के उपलक्ष्य में नागमूर्ति देवालय में अर्पित की गई। मंदिर परिसर में धार्मिक विधि-विधान, पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। ‘ज्योतिर्लिंगाच्या नावाने चांगभलं’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।

नागपंचमी की पारंपरिक मान्यता के अनुसार महिलाओं ने नागदेवता को लाह्या अर्पित कर पूजा की। महिलाओं ने नागदेवता के पारंपरिक गीत गाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। सुबह से रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने विशेष नियोजन किया था। वाघापूर, आदमापुर, मुदाळतिट्टा और कुर मार्गों पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की गई थी। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वाहन पहुंचने के बावजूद यातायात जाम से बचने में मदद मिली।

दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए एसटी महामंडल के विभिन्न डिपो से अतिरिक्त बस सेवाएं चलाई गईं। गारगोटी डिपो सहित आसपास के अन्य डिपो से भी श्रद्धालुओं की मांग के अनुसार अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था की गई। इससे निजी वाहनों पर पड़ने वाला दबाव कुछ हद तक कम हुआ।

श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। ग्राम पंचायत प्रशासन, देवस्थान समिति, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, एसटी महामंडल के साथ स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए प्रयास किए।

यात्रा के अवसर पर वाघापूर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की दुकानें, खाद्य पदार्थों के स्टॉल और पूजा सामग्री की दुकानें लगाई गई थीं। इससे पूरे क्षेत्र में यात्रा का उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने दर्शन के साथ पूजा सामग्री और विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी भी की।

श्रद्धा, भक्ति और व्यवस्थित नियोजन के चलते वाघापूर की इस वर्ष की नागपंचमी यात्रा उत्साहपूर्वक संपन्न हुई। यात्रा के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं ने प्रशासन, देवस्थान समिति और ग्रामीणों की सराहना की।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

Next Story