शिवाजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यक्रम पर बवाल, कुलगुरु का घेराव कर छात्र संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ा। छात्र संगठनों ने कुलगुरु का घेराव कर समान अवसर की मांग और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

कोल्हापुर में छत्रपति शिवाजी विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। कार्यक्रम को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जाने का आरोप लगाते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) युवासेना, महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना और संविधान सम्मान युवा प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों ने कुलगुरु और सीनेट सदस्यों का घेराव कर जवाब मांगा।
आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों ने कहा कि शिवाजी विश्वविद्यालय किसी एक राजनीतिक विचारधारा का मंच नहीं, बल्कि सभी विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय है। उनका कहना था कि यदि किसी एक छात्र संगठन को विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर दिया जाता है, तो अन्य छात्र संगठनों को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप किया, जिसके कारण कुछ समय तक परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "शिवाजी विश्वविद्यालय में राजनीतिक अड्डा नहीं चलेगा" जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने संबंधित कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र को लेकर कुलगुरु से भी सवाल किए। इस पर कुलगुरु ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें इस निमंत्रण पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आंदोलनकारी संगठनों का दावा है कि इस जवाब के बाद उनके पदाधिकारी और अधिक नाराज हो गए।
इस दौरान छात्र संगठनों के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे, मनसे विद्यार्थी सेना प्रमुख अमित ठाकरे और संविधान सम्मान युवा प्रतिष्ठान के सुजात आंबेडकर की उपस्थिति में छात्र हितों से जुड़ा एक बड़ा कार्यक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई तो व्यापक और तीव्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आंदोलन में युवासेना जिलाध्यक्ष तथा शिवसेना शहर प्रमुख मंजित माने, मनसे विद्यार्थी जिला अध्यक्ष अभिजीत राउत, मनसे विद्यार्थी शहर अध्यक्ष अजिंक्य शिंदे, संविधान सम्मान युवा प्रतिष्ठान के निलेश बनसोडे, विकी कांबळे, गौरव कांबळे सहित विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे। इस घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति और सभी छात्र संगठनों को समान अवसर देने के मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
