शिवसेना UBT में बगावत की अटकलों पर उद्धव गुट को मिली राहत; जानें क्या है दिल्ली दौरे से खुला बड़ा राज
महाराष्ट्र के छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने की अफवाहों के बीच नासिक सांसद राजाभाऊ वाजे ने दिल्ली पहुंचकर बगावत के दावों को पूरी तरह खारिज किया।

में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, जिनके छह सांसदों के पाला बदलने की अटकलों को नासिक सांसद राजाभाऊ वाजे ने दिल्ली में खारिज कर दिया है।
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर तख्तापलट और बगावत की अटकलों ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) में छह सांसदों के पाला बदलने की आशंकाओं के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। बीते कई दिनों से लगातार यह चर्चाएं गर्म थीं कि ठाकरे गुट के कई सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इन अटकलों को उस वक्त और बल मिला जब मंगलवार, 16 जून की देर रात डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे कुछ सांसदों को लेकर एक प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचे, जहां खुद मुख्यमंत्री शिंदे पहले से मौजूद थे। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया।
इस कथित बगावत और 'ऑपरेशन टाइगर' की लिस्ट में नासिक से नवनिर्वाचित सांसद राजाभाऊ वाजे का नाम सबसे ऊपर चल रहा था। कयास लगाए जा रहे थे कि वाजे भी शिंदे गुट का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, दिल्ली पहुंचते ही राजाभाऊ वाजे ने इन तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया। वाजे ने स्पष्ट और दो टूक लहजे में मीडिया से कहा कि वह एकनाथ शिंदे से मिलने या किसी राजनीतिक सौदेबाजी के लिए दिल्ली नहीं आए हैं, बल्कि वे यहाँ एक पूर्व-निर्धारित पार्लियामेंट्री कमेटी की मीटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने किसी भी सांसद के पाला बदलने की खबरों की जानकारी होने से साफ इनकार किया।
'उद्धव ठाकरे के साथ हूं और हमेशा रहूंगा'
अपनी वफादारी पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सांसद राजाभाऊ वाजे ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया, "मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूं और हमेशा उनके साथ ही रहूंगा। मेरा किसी अन्य राजनीतिक दल या नेता से कोई संपर्क नहीं हुआ है। न तो मुझे कोई फोन आया है और न ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुझसे कोई संपर्क साधा है। मेरे नाराज होने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं, मैं पूरी तरह से शिवसेना (यूबीटी) के साथ मुस्तैदी से खड़ा हूं।"
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर राजाभाऊ वाजे का बचाव किया। राउत ने लिखा कि नासिक के सांसद वाजे केवल इंडस्ट्री कमेटी की बैठक के लिए दिल्ली गए हैं, लेकिन मीडिया में इस खबर को पूरी तरह तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। दूसरी तरफ, हिंगोली से सांसद नागेश अष्टेकर ने भी दिल्ली जाने की खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि वे हिंगोली में ही मौजूद हैं और बगावत की अफवाहें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
क्या ओमराजे निंबालकर होंगे सातवें सांसद ?
भले ही दो सांसदों ने स्थिति स्पष्ट कर दी हो, लेकिन धाराशिव के कद्दावर सांसद ओमराजे निंबालकर को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि छह सांसदों के दलबदल का 'ऑपरेशन टाइगर' सफल होता है, तो दिल्ली जाने वाले सातवें सांसद ओमराजे निंबालकर हो सकते हैं। वर्तमान में ओमराजे पुणे में बताए जा रहे हैं और धाराशिव में उनके गोवर्धन वाडी स्थित आवास पर पूरी तरह शांति पसरी हुई है। गौरतलब है कि ओमराजे निंबालकर को उद्धव ठाकरे का बेहद वफादार माना जाता रहा है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में अर्चना पाटिल को 3.5 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी, जो देश में तीसरी सबसे बड़ी और महाराष्ट्र में सबसे बड़ी जीतों में से एक है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि उद्धव गुट के सात सांसद शिंदे खेमे में शामिल होने के लिए तैयार हैं, जिनमें से छह के दिल्ली पहुंचने की बात कही जा रही है। बगावत की इन खबरों के बीच राजाभाऊ वाजे और नागेश अष्टेकर के बयानों ने निश्चित रूप से मातोश्री को बड़ी राहत दी है, लेकिन दिल्ली में जुटी शिंदे सेना की हलचल यह संकेत दे रही है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अभी क्लाइमेक्स आना बाकी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
