शिरपुर के त-हाडी में जर्जर आंगनवाड़ी भवन, मंदिर में पढ़ने को मजबूर बच्चे
धुले जिले की शिरपुर तहसील के त-हाडी गांव में आंगनवाड़ी भवन की छत से पानी टपकने के कारण सेविकाओं ने श्रीराम मंदिर में कक्षाएं संचालित करना शुरू किया है।

तस्वीर में शिरपुर तहसील के त-हाडी गांव स्थित डिजिटल आंगनवाड़ी केंद्र की पुरानी और जर्जर इमारत की बाहरी दीवार और बंद दरवाजे दिखाई दे रहे हैं।
शिरपुर तहसील के त-हाडी गांव में आंगनवाड़ी केंद्र की जर्जर और खतरनाक हो चुकी इमारत ने नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवन की बदहाल स्थिति के कारण आंगनवाड़ी सेविकाओं को बच्चों की पढ़ाई गांव के श्रीराम मंदिर में संचालित करनी पड़ रही है। इससे बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है।
त-हाडी स्थित आंगनवाड़ी भवन की दीवारों में बड़े-बड़े दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि छत की स्थिति भी अत्यंत खराब हो गई है। बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकने के कारण भवन के भीतर बच्चों को बैठाना जोखिम भरा हो गया है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी सेविकाओं ने पहल करते हुए गांव के श्रीराम मंदिर में बच्चों की कक्षाएं शुरू कर दी हैं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
हालांकि मंदिर परिसर में आंगनवाड़ी संचालन के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। बच्चों के लिए खेल सामग्री, शैक्षणिक संसाधन, पोषण आहार के सुरक्षित भंडारण तथा बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने से उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद बच्चों का शैक्षणिक नुकसान न हो, इसके लिए आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका लगातार प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों ने भी उनके इस प्रयास की सराहना की है।
ग्रामीणों का कहना है कि नई आंगनवाड़ी इमारत के निर्माण के लिए संबंधित विभाग के समक्ष कई बार मांग और लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते छोटे बच्चों को सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आंगनवाड़ी बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली सीढ़ी होती है। ऐसे में त-हाडी के बच्चों का मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नई आंगनवाड़ी भवन को तत्काल स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
बारिश के मौसम में जर्जर भवन से खतरा और अधिक बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि किसी भी अनहोनी से पहले त-हाडी की आंगनवाड़ी के लिए सुरक्षित और सुसज्जित भवन उपलब्ध कराया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

Pratahkal Bureau
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