शिरपूर तालुका में बिबट्या के भयंकर हमले में दो साल के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बोराडी वनक्षेत्र के वासडी परिमंडल अंतर्गत अर्थे बुद्रुक शिवार में 9 सितंबर की रात हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और शोक का माहौल है। मृत बालक की पहचान योगेश पर्मिया सांगळ के रूप में हुई है।

घटना 9 सितंबर को रात करीब 7:30 बजे अर्थे बुद्रुक शिवार में शेख रऊफ शेख सुलेमान खाटीक के स्वामित्व वाले खेत गट क्रमांक 57 में हुई। पर्मिया कमल सांगळ, निवासी आत्मज, नेवाजी वाटली फाम्या, मध्यप्रदेश तथा वर्तमान निवासी अर्थे बुद्रुक, अपने परिवार के साथ टिन के शेड के पास बैठे थे। इसी दौरान अचानक आए बिबट्या ने माता-पिता के सामने ही दो वर्षीय योगेश पर हमला कर दिया। बिबट्या बच्चे को अपने जबड़े में दबोचकर अंधेरे में खींचकर ले गया।

घटना की सूचना मिलते ही उपवनसंरक्षक मोहन नाईकवाडी, विभागीय वन अधिकारी राजेंद्र सदगीर, वनपरिक्षेत्र अधिकारी कि. म. गिरवले, वनपाल, वनरक्षक और पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। थर्मल ड्रोन और दो विशेष टीमों की मदद से रातभर खोज अभियान चलाया गया। हालांकि, क्षेत्र में केला, गन्ना, पपीता और अरहर की ऊंची फसल होने के कारण रात में बच्चे का पता नहीं चल सका।

10 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे घटनास्थल से 400 से 500 मीटर दूर अरहर के खेत में वनकर्मियों को बिबट्या का एक शावक अरहर से निकलकर गन्ने के खेत की ओर जाते दिखाई दिया। इसके बाद इलाके में गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बच्चे के शरीर के कुछ अवशेष क्षत-विक्षत अवस्था में मिले।

घटना की गंभीरता को देखते हुए न्यायवैद्यक विभाग की मौजूदगी में मृतदेह का पंचनामा किया गया। प्राथमिक जांच में अर्थे बुद्रुक क्षेत्र में बिबट्या की मादा और उसके शावकों के विचरण करने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने शासन निर्णय के अनुसार मृत बालक के परिवार को भरपूर आर्थिक मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया है।

इस बीच बिबट्या को पकड़ने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरे, ड्रोन और ट्रैप कैमरे तैनात किए हैं। इलाके में दिन-रात गश्त भी शुरू कर दी गई है।

वन विभाग ने नागरिकों से रात के समय बिना जरूरी कारण घर से बाहर नहीं निकलने, खुले में सोने से पूरी तरह बचने, छोटे बच्चों की विशेष देखभाल करने और उन्हें अकेला नहीं छोड़ने की अपील की है। क्षेत्र में बिबट्या दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग से संपर्क करने का भी आग्रह किया गया है। दो वर्षीय बच्चे की मौत के बाद अर्थे बुद्रुक परिसर में बिबट्या के आतंक को लेकर लोगों में गहरी चिंता बनी हुई है।

Pratahkal Bureau

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