शिरपुर तालुका दुष्काल की कगार पर, 18 मिमी से कम बारिश से फसलें संकट में, दुष्काल घोषित करने की मांग
धुले जिले के शिरपुर तालुका में 18 मिमी से कम बारिश से दुष्काल जैसी स्थिति बन गई है। किसानों ने फसलें सूखने की आशंका के बीच दुष्काल घोषित करने की मांग उठाई है।

धुले जिले का शिरपुर तालुका इस वर्ष बेहद कम वर्षा के कारण दुष्काल जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। महाराष्ट्र में इस वर्ष मानसून के देर से आगमन के बाद कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं बेहद कम वर्षा दर्ज की गई, लेकिन धुले जिले और विशेष रूप से शिरपुर तालुका में अब तक अत्यंत कम बारिश होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
शिरपुर तालुका के पश्चिमी क्षेत्र में वाघाडी के आगे स्थित अर्थे, विखरण, भामपूर, टेकवाडे, खामखेडा, वरुळ, भटाणे, जवखेडे, अंतुर्ली लोंढरे, त-हाडी और अभाणपूर सहित कई गांवों के आसपास अत्यंत कम वर्षा हुई है। इस पूरे क्षेत्र में अब तक केवल 18 मिमी से भी कम बारिश दर्ज होने के कारण किसान चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
जिन किसानों के पास कुएं और बोरवेल की सुविधा उपलब्ध है, उन्होंने मई और जून महीने में केला, पपीता, कपास तथा मक्का की खेती की थी। बीच में हुई हल्की बारिश से इन फसलों को कुछ राहत अवश्य मिली, लेकिन भूमि की पर्याप्त प्यास नहीं बुझ पाने के कारण फसलों का अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
पिछले दस दिनों से पूरे शिरपुर तालुका में बारिश पूरी तरह थम गई है। इसके साथ ही तेज हवाएं और कड़ी धूप पड़ने से तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए कुएं या बोरवेल की सुविधा नहीं है, उनकी फसलें पानी के अभाव में सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 20 जुलाई तक तेज धूप और हवा की यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। इसके बाद वर्षा होने की संभावना जताई गई है, लेकिन तब तक उग चुकी और लगाई गई फसलों के सूख जाने तथा किसानों के सामने दोबारा बुवाई का संकट खड़ा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
शिरपुर पंचायत समिति के पूर्व उपसभापति तथा अंतुर्ली के आदर्श किसान प्रा. पी.एस. अंतुर्लीकर ने पत्र के माध्यम से धुले जिले के माननीय प्रांत अधिकारी और माननीय जिलाधिकारी से मांग की है कि शिरपुर तालुका में उत्पन्न दुष्काल जैसी स्थिति को देखते हुए शासन को धुले जिले, विशेष रूप से शिरपुर तालुका की स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जाए। उन्होंने धुले जिले और शिरपुर तालुका को दुष्कालग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए कहा है कि किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, खेत मजदूरों और श्रमिकों के आजीविका संबंधी संकट के समाधान के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा कर उनका तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन किया जाए। साथ ही उन्होंने धुले जिले, विशेष रूप से शिरपुर तालुका को दुष्काल के संबंध में उचित न्याय दिलाने की अपील भी की है।

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