Winter Session 2025 : महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह में सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब उप मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सदन के भीतर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर सीधा और तीखा हमला बोला। एक प्रस्ताव पर जवाब देते हुए शिंदे ने मुंबई के विकास और राजनीति से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष किया और फिल्मी संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘रहमान डकैत’ बताया। उनके इस बयान ने सदन के साथ-साथ राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी।

एकनाथ शिंदे ने सदन में सवाल उठाया कि मुंबई का खजाना लूटने वाला ‘रहमान डकैत’ आखिर कौन है। उनका यह इशारा सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे की ओर था। उल्लेखनीय है कि ‘रहमान डकैत’ हालिया फिल्म धुरंधर का एक नकारात्मक किरदार है, जिसे अभिनेता अक्षय खन्ना ने निभाया है। फिल्म में इस किरदार को अंततः नायक द्वारा पराजित किया जाता है। इसी संदर्भ को आगे बढ़ाते हुए शिंदे ने विश्वास जताया कि आने वाले नगर निकाय चुनावों में महायुति इस ‘रहमान डकैत’ को दफन कर असली धुरंधर के रूप में उभरेगी।

सदन में विपक्ष पर हमला तेज करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, जबकि विपक्ष के पास बेबुनियाद आरोप लगाने के अलावा कोई ठोस काम नहीं बचा है। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता केवल औपचारिकता निभाने के लिए नागपुर आते हैं, उनकी स्थिति ‘आज आना और कल जाना’ जैसी है। शिंदे ने आरोप लगाया कि ऐसे नेता सत्र के दौरान न तो सवाल पूछते हैं और न ही किसी मुद्दे पर सदन में बोलते हैं, जिससे जनता के प्रति उनकी गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं।

उद्धव ठाकरे द्वारा उप मुख्यमंत्री पद को समाप्त करने की मांग को लेकर भी एकनाथ शिंदे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मीडिया में इस मुद्दे पर शोर मचाया गया, लेकिन यह भुला दिया गया कि जब उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब उनकी कैबिनेट में भी उप मुख्यमंत्री का पद मौजूद था। शिंदे ने इसे अपने प्रति बेचैनी और असहजता का परिणाम बताया।

इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने मुंबई के लिए सरकार द्वारा किए गए फैसलों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में 20 हजार नॉन-ओसी इमारतों को राहत दी गई है और पगड़ी-मुक्त नीति लागू कर 13 हजार से अधिक इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ किया गया है। नेशनल पार्क क्षेत्र के 25 हजार कर्मचारियों को पांच किलोमीटर के दायरे में वैकल्पिक आवास देने की योजना लाई गई है। इसके अलावा मिल भूमि पुनर्विकास के नियमों में बदलाव, सिडको द्वारा घरों की कीमतों में दस प्रतिशत कटौती और बड़े भूखंडों पर क्लस्टर रीडेवलपमेंट जैसी योजनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि पहले चरण में 17 परियोजनाओं का चयन किया गया है और आम लोगों को राहत देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के 40 लाख झुग्गी-झोपड़ीवासियों को पक्का घर देने के सपने को साकार करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। 23 जनवरी से शुरू हो रहे बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस योजना की शुरुआत को उन्होंने उनके चरणों में पुष्प अर्पित करने के समान बताया।

शीतकालीन सत्र में दिए गए इस आक्रामक भाषण ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाज़ी और टकराव और तेज होने वाला है, जहां विकास और नेतृत्व के दावों के साथ सियासी शब्दों की धार भी लगातार तेज होती जा रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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