नए शैक्षणिक बदलावों को स्कूलों तक पहुंचाने में शिक्षा परिषदों की अहम भूमिका : प्रिती पाटील
वाळवे खुर्द में बिद्री केंद्र की दूसरी शिक्षा परिषद आयोजित हुई। प्रिती पाटील ने नए शैक्षणिक बदलावों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

तस्वीर में वाळवे खुर्द में आयोजित शिक्षा परिषद के दौरान दीप प्रज्वलित करतीं केंद्रप्रमुख प्रिती पाटील, केंद्रसमन्वयक तानाजी आसबे और अन्य शिक्षक व गणमान्य व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं।
बदलती शैक्षणिक नीतियों के साथ शिक्षा क्षेत्र में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं। इन बदलावों को स्कूल स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाकर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में केंद्र स्तर की शिक्षा परिषदें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नए शैक्षणिक बदलावों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ऐसी शिक्षा परिषदों की आवश्यकता है, यह प्रतिपादन बिद्री केंद्र की केंद्रप्रमुख प्रिती पाटील ने किया।
वाळवे खुर्द (ता. कागल) में शिक्षा विभाग, पंचायत समिति कागल की ओर से बिद्री केंद्र के शिक्षकों के लिए आयोजित दूसरी शिक्षा परिषद में वे बोल रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
परिषद में प्रज्ञाशोध परीक्षा, छात्रवृत्ति परीक्षा तथा नवोदय प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थियों को सफलता दिलाने के लिए मार्गदर्शन करने वाले शिक्षकों का गणमान्य व्यक्तियों के हाथों सम्मान किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए शिक्षकों से लगातार प्रयासरत रहने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर अनिता कुंभार, प्रतिभा पाटील और धनाजी माने ने साधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित शिक्षकों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। केंद्रसमन्वयक तानाजी आसबे, मुख्याध्यापक एच. एन. पाटील, आर. जी. पाटील, सागर मगदूम, दत्तात्रय शिंदे, अरुण गायकवाड, उत्तम कांबळे, कावेरी चव्हाण सहित बिद्री केंद्र के शिक्षक उपस्थित थे।
स्वागत एस. के. पाटील ने किया। सूत्रसंचालन राहुल कुंभार ने किया, जबकि आभार युवराज तेली ने माना।
फोटो : वाळवे खुर्द : बिद्री केंद्र के अंतर्गत आयोजित दूसरी शिक्षा परिषद का उद्घाटन करते हुए केंद्रप्रमुख प्रिती पाटील, केंद्रसमन्वयक तानाजी आसबे और अन्य गणमान्य व्यक्ति।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
