कोल्हापूर: प्रस्तावित 'शक्तिपीठ' महामार्ग परियोजना को लेकर किसानों के विरोध की गूंज अब और तेज हो गई है। इस विवादित परियोजना के खिलाफ अपनी स्पष्ट असहमति व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद संजय मंडलिक ने प्रभावित किसानों के समर्थन में खड़े होने का संकल्प लिया है। मंडलिक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस मार्ग के निर्माण से उपजाऊ कृषि भूमि बर्बाद होती है, तो यह परियोजना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।

यह घटनाक्रम कागल तहसील के बोरवडे गांव में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान सामने आया। इस बैठक में बोरवडे, उंदरवाडी और फराकटेवाडी के उन किसानों ने शिरकत की, जिनकी जमीनें प्रस्तावित महामार्ग की चपेट में आ रही हैं। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद मंडलिक ने कहा कि उनके पिता, स्वर्गीय सदाशिवराव मंडलिक ने काळम्मावाडी बांध के माध्यम से नहर का जाल बिछाकर इस क्षेत्र को कृषि के क्षेत्र में समृद्ध बनाया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस उपजाऊ जमीन को वर्षों की मेहनत से सींचा गया है, उसे इस महामार्ग के नाम पर नष्ट करने का प्रयास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए संजय मंडलिक ने राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर एक कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे सत्ताधारी दल से जुड़े हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता हमेशा किसान रहे हैं। मंडलिक ने कहा कि बहुत से लोग उनसे पूछते हैं कि सत्ता पक्ष में होने के बावजूद वे आंदोलनकारियों के साथ क्यों हैं, जिसका उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पहली निष्ठा केवल किसानों के प्रति है। उन्होंने वादा किया कि वे केवल मौखिक समर्थन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जब भी आंदोलन में उनकी उपस्थिति की आवश्यकता होगी, वे सक्रिय रूप से किसानों के साथ सड़क पर उतरेंगे।

बैठक के दौरान बालाजी फराकटे, एम. आर. फराकटे, वैभव मगदूम और रघुनाथ साठे सहित कई अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस महत्वपूर्ण चर्चा में हमिदवाडा कारखाने के उपाध्यक्ष आनंदराव फराकटे, संग्राम वारके, जोतीराम साठे और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन किरण सूर्यवंशी ने किया, जबकि मारुती हरी पाटील ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस बैठक ने साबित कर दिया है कि शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर स्थानीय जनता का आक्रोश गहरा है और अब इस मुद्दे ने एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है, जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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