देश के सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल पुरस्कार से दिल्ली में ‘शाहू’ का गौरव, 73वां सम्मान
कागल के श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी मिल को सत्र 2024-25 में उच्च चीनी उतारा वर्ग में देश की सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का पुरस्कार मिला। नई दिल्ली में नितिन गडकरी के हाथों राजे समरजितसिंह घाटगे ने सम्मान स्वीकार किया।

तस्वीर में नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे पुरस्कार स्वीकार करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनके साथ मिल के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद हैं।
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
कागल स्थित श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी मिल ने सहकार क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों की एक और राष्ट्रीय पहचान दर्ज कराई है। नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज, नई दिल्ली की ओर से सत्र 2024-25 के लिए उच्च चीनी उतारा वर्ग में देश की सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार शाहू चीनी मिल को प्रदान किया गया।
नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हाथों शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे ने मिल की ओर से पुरस्कार स्वीकार किया। इस अवसर पर मिल के उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे, वरिष्ठ संचालक एवं कर्नाटक राज्य के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री वीरकुमार पाटील, सभी संचालक तथा कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण उपस्थित रहे।
समारोह में केंद्रीय सहकार राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, राष्ट्रीय चीनी महासंघ के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटील, महाराष्ट्र के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, छत्तीसगढ़ के सहकार मंत्री केदारनाथ कश्यप, गुजरात के जल संसाधन एवं आपदा राज्यमंत्री ईश्वरसिंग पटेल और पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीतसिंग खुड्डीया सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
देश की सहकारी चीनी मिलों की शीर्ष संस्था नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज ने सत्र 2024-25 के दौरान मिल के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए शाहू चीनी मिल का इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयन किया था। पुरस्कार का वितरण नई दिल्ली में किया गया।
इस राष्ट्रीय सम्मान के साथ श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी मिल के पुरस्कारों की संख्या 73 हो गई है। इनमें राष्ट्रीय स्तर के 28 और राज्य स्तर के 45 पुरस्कार शामिल हैं।
पुरस्कार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा, “यह पुरस्कार राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज की आम आदमी और किसान हित की विरासत, मिल के संस्थापक स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे द्वारा मिल संचालन के दौरान स्थापित मार्गदर्शक सिद्धांतों, अध्यक्षा श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे के मार्गदर्शन तथा सदस्यों और किसानों के विश्वासपूर्ण सहयोग का परिणाम है। सहकारी संचालक मंडल, सदस्य, किसान, कर्मचारी और आपूर्तिकर्ताओं की ओर से यह पुरस्कार स्व. राजे विक्रमसिंह घाटगे को समर्पित करता हूं। उन्होंने जो राह दिखाई, उसी पर शाहू का प्रबंधन और प्रशासन आगे बढ़ रहा है। स्वर्गीय राजे साहेब के बाद सामूहिक प्रयासों के कारण ही ‘शाहू’ की प्रतिष्ठा कायम रखी जा सकी, बल्कि उसमें और वृद्धि की जा सकी, इसका गर्व है।”
नई दिल्ली में श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी मिल को सत्र 2024-25 के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का पुरस्कार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हाथों स्वीकार करते हुए शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे की उपस्थिति ने इस राष्ट्रीय सम्मान को दर्ज किया। यह पुरस्कार मिल की सत्र 2024-25 की उच्च चीनी उतारा वर्ग में उल्लेखनीय उपलब्धि और अब तक मिले 73 सम्मानों की श्रृंखला में एक और राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में जुड़ा है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
