महाराष्ट्र राज्य शुगर संघ की निदेशक तथा शाहू शुगर फैक्ट्री की अध्यक्षा श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे ने कहा कि शाहू शुगर फैक्ट्री के संस्थापक स्वर्गीय राजे विक्रमसिंह घाटगे ने फैक्ट्री का संचालन करते समय कर्मचारियों को परिवार का सदस्य मानकर आत्मीयता के साथ व्यवहार किया। उनके इसी विचार के कारण शाहू शुगर फैक्ट्री में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच विश्वास, अपनत्व और स्नेह का मजबूत संबंध स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री की सफलता, प्रतिष्ठा और निरंतर प्रगति में कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

स्वर्गीय राजे विक्रमसिंह घाटगे की 78वीं जयंती के अवसर पर फैक्ट्री परिसर में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में गत एक वर्ष के दौरान सेवा से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और उनके परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई, वहीं गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मचारियों को भी आर्थिक सहयोग वितरित किया गया। श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि स्वर्गीय राजे विक्रमसिंह घाटगे ने अपने परिवार की अपेक्षा फैक्ट्री और कर्मचारियों को अधिक समय दिया। उन्होंने कर्मचारियों के हित और उनकी प्रगति के लिए हमेशा सकारात्मक तथा दूरदर्शी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ बने इन आत्मीय संबंधों को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने के लिए शाहू उद्योग समूह प्रतिबद्ध रहेगा तथा राजेसाहेब द्वारा स्थापित कर्मचारी हितैषी परंपरा को आगे भी कायम रखा जाएगा।

कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण ने कहा कि राजेसाहेब ने कर्मचारी कल्याण के लिए अनेक नीतिगत निर्णय लिए। उन्होंने कर्मचारियों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर जीवन में स्थिरता हासिल करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। इसी का परिणाम है कि शाहू शुगर फैक्ट्री के कर्मचारियों की सामाजिक प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे, सभी संचालक एवं संचालिकाएं, फैक्ट्री के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

कागल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान शाहू शुगर फैक्ट्री के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों की उपस्थिति में अध्यक्षा श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे, शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे तथा कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण भी मौजूद रहे। यह आयोजन स्वर्गीय राजे विक्रमसिंह घाटगे की कर्मचारी हितैषी कार्यशैली और उनके द्वारा स्थापित परंपराओं को स्मरण करने के साथ-साथ कर्मचारियों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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