रंगों से सजी श्रद्धांजलि: स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे को 5500 बालचित्रकारों का नमन
स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में साढ़े पांच हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। चार केंद्रों पर हुई इस स्पर्धा में ग्रामीण बालचित्रकारों ने रंगों से दी श्रद्धांजलि।

तस्वीर में कागल स्थित श्रीमंत जयसिंगराव घाटगे हाईस्कूल में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर ‘शाहू’ के संचालक युवराज पाटील, सचिन मगदूम, सतीश पाटील, कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण और अन्य गणमान्य व्यक्ति नजर आ रहे हैं।
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
शाहू उद्योग समूह के संस्थापक स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य चित्रकला प्रतियोगिता में रौप्यमहोत्सवी वर्ष के मौके पर रिकॉर्ड साढ़े पांच हजार विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी कल्पनाशक्ति को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों बालचित्रकारों ने विभिन्न विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे को रंगरेखाओं के जरिए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
छत्रपति शाहू सहकारी चीनी कारखाने के तत्वावधान में छत्रपति शाहू कला, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक मंडल की ओर से कागल, मुरगूड, सेनापति कापशी और कणेरी (ता. करवीर) इन चार केंद्रों पर एक साथ इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कागल स्थित श्रीमंत जयसिंगराव घाटगे हाईस्कूल, मुरगूड विद्यालय, न्यायमूर्ति रानडे विद्यालय (सेनापति कापशी) और काडसिद्धेश्वर विद्यालय (कणेरी) में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता पहली से तीसरी, चौथी से पांचवीं, छठी से सातवीं, आठवीं से दसवीं, मूकबधिर (पहली से चौथी और पांचवीं से दसवीं) तथा मतिमंद विद्यार्थियों सहित कुल सात स्वतंत्र समूहों में आयोजित की गई। प्रतियोगिता के परीक्षक के रूप में प्रा. बबन सावंत, दत्तात्रय चौगुले, मिलिंद देसाई और रितेश माने ने जिम्मेदारी निभाई।
प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर ‘शाहू’ के संचालक युवराज पाटील ने कहा, "राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज ने कला को जो आश्रय और प्रोत्साहन दिया था, उसे स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे ने अपने कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाया। उनके निधन के बाद कारखाने की अध्यक्षा श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे और शाहू ग्रुप के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के भीतर छिपी कला प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है। इस प्रतियोगिता से तैयार होने वाले विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर कागल का नाम रोशन करेंगे, ऐसा विश्वास है।"
स्वागत भाषण में कार्यकारी संचालक एवं सांस्कृतिक मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र चव्हाण ने बताया कि वर्ष 2002 में शुरू हुई यह चित्रकला प्रतियोगिता शुरुआत में केवल कागल तक सीमित थी। हालांकि विद्यार्थियों और अभिभावकों की बढ़ती भागीदारी के कारण आज यह चार केंद्रों तक विस्तार पा चुकी है और ग्रामीण क्षेत्र के बालचित्रकारों के लिए प्रभावी मंच बन गई है।
इससे पहले लोकराजा राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज की प्रतिमा और स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की तस्वीर का पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर ‘शाहू’ के संचालक सचिन मगदूम, सतीश पाटील, राजे बैंक के संचालक राघू हजारे, बाबासाहेब मगदूम, प्रवीण कुराडे, नगरसेवक बाळासाहेब माळी, सुशांत कालेकर, शाहू कृषि के उपाध्यक्ष सुदर्शन मजले, शाहू ग्रुप की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रशासन अधिकारी एम. व्ही. वेस्वीकर सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार मुख्याध्यापक एस. डी. खोत ने व्यक्त किया।
इस अवसर की तस्वीर में कागल स्थित श्रीमंत जयसिंगराव घाटगे हाईस्कूल में स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर ‘शाहू’ के संचालक युवराज पाटील, सचिन मगदूम, सतीश पाटील, कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण और अन्य गणमान्य उपस्थित दिखाई दे रहे हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
